कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे संक्रमण और वैक्सीन की गैरमौजूदगी में इससे बचने के दो ही प्रभावी तरीके हमारे पास हैं। इनमें से एक है मास्क का इस्तेमाल और दूसरा सोशल डिस्टेंसिंग। मास्क को लेकर भी लोगों के मन में सवाल उठता है कि मास्क पहनना उन्हें बचाता है या उनके आस-पास के लोग सुरक्षित होते हैं?
इसका जवाब है कि मास्क पहनने से मास्क पहनने वाला भी सुरक्षित रहता है और उसके आस-पास के लोग भी बचे रहते हैं। नए कोरोनावायरस और अन्य कीटाणुओं पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि मास्क पहनने से संक्रमित लोगों के माध्यम से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलती है।
दरअसल वायरस खांसते, छींकते या बात करते समय निकली बूंदों से फैलता है। सर्जिकल या कपड़े का मास्क इन कणों को फैलने से रोकता है। इससे मास्क पहनने वाले व्यक्ति के समीप का व्यक्ति भी वायरस से बचा रहता है। ऐसे में मास्क दोनों पक्षों के लिए ही लाभदायक काम करता है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया में वायरस विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गांधी बताती हैं कि अध्ययन बताते हैं कि लोग अगर वायरस की कम मात्रा की चपेट में आते हैं तो ज्यादा बीमार नहीं पड़ते हैं। मास्क पहनने से वायरस को अधिक मात्रा में प्रसारित होने से रोका जा सकता है।
कोरोना वायरस पर किए गए एक अन्य शोध में सामने आया है कि उन लोगों में संक्रमण होने की संभावना कम होती है जो सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क इसलिए भी जरूरी है क्योंकि कई बार कोरोना संक्रमित व्यक्ति में बीमारी के लक्षण नहीं दिखते हैं।