हमें महसूस होता है कि पापा किसी भी पल घर वापस आ जाएंगे। हालांकि दिल की गहराइयों से हम जानते हैं कि वह हमारे बीच कभी नहीं लौटेंगे। पर नौ साल बाद भी उनके लौटने इंतजार है। आंसुओं से भरी आंखें लिए शहीद पुलिस कर्मी तुकाराम ओंबले की बड़ी बेटी वैशाली ने यह बात कही। तुकाराम मुंबई पर हमला करने वाले आतंकी अजमल कसाब को पकड़ते वक्त शहीद हो गए थे।
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एमएड कर लेक्चर बनने की तैयारी कर रहीं वैशाली ने कहा कि हमें हमेशा लगता है कि पापा ड्यूटी गए हैं और वह घर लौटेंगे। हमने घर पर उनका सारा सामान वहीं रखा हुआ है, जहां वह हुआ करता था। हमें उनके सर्वोच्च बलिदान पर गर्व है। वैशाली कहती हैं कि पिछले नौ साल में एक दिन भी ऐसा नहीं गुजरा जब उन्होंने उन्हें याद न किया हो।
वशाली अपनी मां तारा और बहन भारती के साथ वर्ली के पुलिस कैंप में रहती हैं। उनकी बहन भारती भी राज्य जीएसटी विभाग में अधिकारी बन गई हैं। 27 नवंबर, 2008 को सहायक उप निरीक्षक तुकाराम कसाब की गोलियों से मारे गए थे। पर उनकी बहादुरी से ही कसाब को पकड़ना संभव हुआ। कसाब मुंबई हमले का एकमात्र आतंकी था, जिसे पकड़ा गया और फांसी दी गई।