सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सोमवार को आतंकियों द्वारा मारे गए सेना के सिपाही औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात की। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले स्थित शहीद औरंगजेब के घर गए और उनके परिवार को दिलासा दिया। उन्होंने परिवार वालों के साथ करीब आधे घंटे का समय बिताया।
बता दें कि ईद और फादर्स डे पर छुट्टी लेकर घर लौट रहे सेना की राष्ट्रीय राइफल के जवान औरंगजेब की आतंकियों ने पुलवामा में अपहरण का हत्या कर दी थी।
जांबाज बेटे से मिलने की आरजू सीने में दफन कर चुके पिता हनीफ के गुस्से का बांध शनिवार को टूट गया। खुद भी सेना से रिटायर्ड पिता ने फादर्स डे से एक दिन पहले केंद्र की मोदी सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सरकार 72 घंटे में औरंगजेब के कातिलों को मौत के घाट उतारे।
हनीफ ने यह भी कहा कि अगर 72 घंटे में ऐसा नहीं हुआ तो मैं खुद बेटे की शहादत का बदला लूंगा। उन्होंने कहा, मेरे बेटे ने देश के लिए जान कुर्बान की है। केंद्र और राज्य सरकार को आतंकवाद के खात्मे के लिए ठोस कदम उठाने ही होंगे।
बता दें कि रमजान के दौरान केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सीजफायर पर रोक लगाई थी। इस दौरान कई जगह लगातार आतंकी हमले हुए। लेकिन ईद से पहले औरंगजेब की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
राइजिंग कश्मीर के संपादक की भी हत्या
आतंकियों ने वरिष्ठ पत्रकार तथा अंग्रेजी अखबार राइजिंग कश्मीर के एडिटर इन चीफ शुजात बुखारी की हत्या कर दी थी। शुजात जैसे ही प्रेस एन्क्लेव से जैसे ही वह अपनी गाड़ी से जाने लगे तो आतंकियों ने गाड़ी को घेरकर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। बताते हैं कि चार आतंकियों ने बिल्कुल करीब से गोलियां बरसाईं।