सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक मामले में सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से राज्य की एक महिला को सुरक्षा प्रदान करने को कहा है। महिला ने आरोप लगया था की उसकी सहमति के बिना उसकी शादी हुई है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ ने पीठ से कहा कि इस मामले में महिला की मदद की जानी चाहिए। कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह की मांग के अनुसार सुनवाई कर रहा था। वकील ने कहा था कि इस मामले में हिंदू विवाह अधिनियम के कुछ प्रावधानों की संवैधानिकता से निपटना होगा।
इसके बाद अदालत ने इस पूरे मामले में अपनी सहमति जताई है। कोर्ट ने कहा कि महिला और उसके परिवार के सदस्यों की पहचान की जाएगी जिन्होंने उन्हें शादी में मजबूर कर दिया था। कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधीक्षक को नोटिस देने और 5 मई को आगे की सुनवाई के लिए मामला तय करने का निर्देश दिए है। सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता जयसिंह ने कहा कि महिला को विवाह के लिए मजबूर किया गया है इसलिए उसकी सुरक्षा जरूरी है।