असम के बोंगाईगांव जिले के कबाईटरी पार्ट- IV गांव में स्थित मरकजुल मा-आरिफ क्वारियाना मदरसा को तोड़ा जा रहा है। आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े इमाम और मदरसा शिक्षकों सहित 37 लोगों की गिरफ्तारी के बाद असम सरकार द्वारा ध्वस्त किया गया यह तीसरा मदरसा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक मदरसे को रातभर में खाली करवा दिया गया और छात्रों को दूसरे संस्थान में भेज दिया गया। वहीं, पुलिस सूत्र ने बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान प्रतिबंधित कट्टरपंथी समूहों से संबंधित दस्तावेज मिले हैं।
हालांकि, इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसपी स्वप्नील डेका ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मदरसा संरचनात्मक रूप से कमजोर और मानव निवास के लिए असुरक्षित था और इसे पीडब्ल्यूडी विनिर्देशों / आईएस मानदंडों के अनुसार नहीं बनाया गया था।
मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने दी प्रतिक्रिया
असम सरकार के मदरसों पर बुलडोजर ड्राइव पर एआईयूडीएफ अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि राज्य में लाखों स्कूल हैं, यदि कोई व्यक्ति अपराधी पाया जाता है, तो उसे गिरफ्तार किया जाता है। मदरसों के लिए भी ऐसा ही होना चाहिए, केवल दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ये मदरसे गरीबों को शिक्षित करते हैं। इनमें से कई को 20-30 वर्षों के लिए धन संग्रह करने के बाद बनाया गया है और वे उन्हें एक दिन में गिरा देते हैं।
इससे पहले बारपेटा के मदरसे को ढहाया गया था
बता दें कि इससे पहले असम के बारपेटा जिले में अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के दो बांग्लादेशी सदस्यों को चार साल तक पनाह देने वाले एक मदरसे को जिला प्रशासन ने सोमवार को ध्वस्त कर दिया था। आतंकियों के साथ जुड़ाव के लिए मोहम्मद सुमन उर्फ इस्लाम को इस साल जनवरी में गिरफ्तार गया था जबकि दूसरे की तलाश जारी की है।
एक व्यक्ति को गुवाहाटी से हिरासत में लिया गया
गोलपारा जिला पुलिस ने एक्यूआईएस/एबीटी से जुड़े एक व्यक्ति को गुवाहाटी से हिरासत में लिया। एसपी गोलपारा जिला वीवी राकेश रेड्डी ने बताया कि व्यक्ति को पूछताछ के लिए उठाया गया है। असम पुलिस ने इस साल मार्च से अब तक AQIS/ABT से जुड़े 37 लोगों को गिरफ्तार किया है।