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बीफ पर बवाल करने वालों को काटजू की चुनौती, 'मेरे पास आओ, ऐसी पिटाई करूंगा कि भूलोगे नहीं'

Mon, 12 Sep 2016 05:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Twitter
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बीफ पर बवाल मचाने वालों को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने चुनौती दी है। काटजू ने कहा है कि 'उनके पास एक डंडा है जो ऐसे लोगों को पीटने के लिए बेचैन हो रहा है।'
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हरियाणा के मेवात में बहनों के साथ गैंगरेप की खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए काटजू ने फेसबुक पर लिखा, 'असहाय महिलाओं पर हमला क्यों? आप महिलाओं पर हमला कर अपनी मर्दानगी दिखाते हैं। मेरे पास आइए। मैं बीफ खाता हूं और मेरे पास एक डंडा है, जो आपका इंतजार करते हुए बेचैन हो रहा है।' 

गौरतलब है कि मेवात में गैंगरेप की शिकार हुई बहनों ने मीडिया के सामने कहा था कि 'बलात्कारियों ने उनसे कहा कि वे बीफ खाते हैं, इसलिए उनके साथ ऐसा किया जा रहा है।'
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इसके बाद सोशल साइटों पर काफी हंगामा हुआ। ट्विटर पर इस मुद्दे को लेकर यूजर्स की तीखी टिप्पणियां सामने आ रही हैं। 

- फोटो : getty
काटजू ने बीफ सेवन पर हिंसा करने वालों को ही नहीं, तमिलनाडु में असहाय तमिलों पर अत्याचार करने वाले गुंडों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'तमिलनाडु में जो असहाय कन्नड़ों को पीटते हैं, वे तमिल गुंडे मेरे सामने आएं और कर्नाटक में जो कन्नड़ गुंडे तमिलों को पीटते हैं, वे भी आएं। मेरे पास कावेरी के पानी में भिगोया हुआ डंडा रखा है, जिससे मैं तुम लोगों को ऐसा मारूंगा कि कभी भूलोगे नहीं।'

मार्कण्डेय काटजू इन दोनों मुद्दों तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने बिहार में बाहुबली शहाबुद्दीन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, 'ऐसा कहा जा रहा है कि जमानत पर शहाबुद्दीन के बाहर आने के बाद, बिहार में जंगलराज वापस आ गया है। जंगलराज में गलत क्या है। मैं भारत की वर्तमान व्यवस्था के बजाय जंगलराज में ही रहना पसंद करूंगा।'
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'द जंगल बुक'

फेसबुक पर पोस्ट की गई अपनी एक लंबी पोस्ट में काटजू ने लिखा, 'भारत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, हेरा-फेरी, कपट, छल, धूर्त छल, ठग, बदमाश, दुष्ट, चालाक ऑपरेटरों, बेशर्म लुटेरे, डबल डीलर, चिकनी बातें करने वाले और खलनायक भर गए हैं। इसके अलावा, मुझे जंगलों से प्यार है और मैंने भारत के कई जगंलों का भ्रमण किया है। काश मैं वहां हमेशा के लिए रह पाता। मुझे इन मानव सरीसृपों के मुकाबले ज्यादा नैतिक लगते हैं। इसके अलावा बचपन में मुझे रडयार्ड किपलिंग की किताब द जंगल बुक बहुत पसंद थी। काश मैं मोगली, बघेरा, भालू, शेर खान और पायथन के साथ रह पाता।' 
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