भारत फेसबुक के लिए बेहद अहम और विशेष देश है। इसलिए वह अपने प्लेटफॉर्म के नए फीचर पहले यहां जांच के लिए जारी करता है और इसके बाद ही उन्हें विश्व में लॉन्च किया जाता है। भारत की उद्यमिता संस्कृति को अपने आप में विलक्षण बताते हुए फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मंगलवार को कहा कि यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है। भारत और कैलिफोर्निया में कंपनी के मुख्यालय में कई भारतीयों को मैं जानता हूं, जो बहुत प्रतिभावान हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी के साथ ‘फेसबुक फ्यूल फॉर इंडिया-2020’ कार्यक्रम में जुकरबर्ग ने बताया कि नवंबर में पहली बार भारत में वॉट्सएप-पे शुरू किया गया, जो भारत में यूपीआई सिस्टम और 140 बैंकों की मौजूदगी से संभव हुआ है। इसके जरिए फेसबुक छोटे कारोबारियों को सेवाएं देगा, जिनके जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोरोना के कारण उपजी मंदी से उबरने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा हाल में पेश की गई वॉट्सएप भुगतान सेवाओं को अधिक व्यापक रूप देने की इच्छा जताई। फेसबुक के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने 2018 में भारत में करीब 10 लाख उपयोगकर्ताओं के साथ अपनी यूपीआई आधारित भुगतान सेवाओं का परीक्षण शुरू किया था। वर्तमान में भारत में वॉट्सएप के 40 करोड़ उपयोगकर्ता हैं।
पीएम मोदी के फैसले की दुनिया में चर्चा
जुकरबर्ग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से उद्योगों के सामने नए अवसर पैदा हुए हैं। वे तकनीक के सहारे सरकार के साथ मिलकर विकास और वृद्धि को तेज कर सकते हैं। भारत में हर नागरिक को डिजिटली और वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के लिए काफी काम हो रहा है। यहां जो फैसले लिए जाते हैं, उनकी पूरी दुनिया में चर्चा होती है। देश की कार्य संस्कृति को असाधारण बताते हुए कहा, यहां कारोबार, वाणिज्य से लेकर शिक्षा और वित्त तक में बड़ी संख्या में इनोवेशन हुआ है।
कम लागत में संवाद सुुविधा देने की कोशिश
फेसबुक के सीईओ ने देश में किफायती कनेक्टिविटी के लिए धीरूभाई अंबानी के सपने का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारतीय पोस्टकार्ड की लागत से भी कम में एक-दूसरे के साथ संवाद कर सकते हैं। मैसेजिंग के जरिए हमने भी यही करने की कोशिश की है। उम्मीद है कि हम साथ मिलकर भुगतान के लिए भी ऐसा कर सकते हैं और इसे साकार कर सकते हैं ताकि लोग भारत की नई यूपीआई प्रणाली का उपयोग कर सकें।
खुला और निरपेक्ष प्लेटफॉर्म बना रहेगा फेसबुक
भारत में फेसबुक के उपाध्यक्ष एवं एमडी अजित मोहन ने कहा कि फेसबुक खुले और निरपेक्ष प्लेटफॉर्म के रूप में कायम रहेगा। भारत में करीब 40 करोड़ उपयोगकर्ताओं के बीच मौजूद फेसबुक पर नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर कहा कि यह बेहद छोटी मात्रा है। बड़ी संख्या में लोग सकारात्मक काम जैसे एक-दूसरे से संवाद, विचार रखना और तस्वीरें साझा करते आ रहे हैं।
दो दशक में शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा भारत : अंबानी
फेसबुक फ्यूल इंडिया-2020 में आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत अगले दो दशक में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में एक होगा। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय 1,800-2,000 डॉलर से दोगुनी से अधिक बढ़कर 5,000 डॉलर हो जाएगी। कुल परिवारों में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला भारत का मध्यवर्ग प्रति वर्ष तीन से चार फीसदी की दर से बढ़ेगा। उन्होंने कहा, महत्वपूर्ण बात यह है कि देश एक प्रमुख डिजिटल समाज बन जाएगा, जिसे युवा चलाएंगे। उन्होंने कहा, फेसबुक, दुनिया की कई दूसरी कंपनियों और उद्यमियों के पास भारत में कारोबार करने, इस आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का हिस्सा बनने का एक सुनहरा अवसर है।
जियो में निवेश मिसाल कायम करेगा
जियो में निवेश पर अंबानी ने जुकरबर्ग से कहा, आपका यह निवेश एक मिसाल कायम करेगा। यह न केवल जियो के लिए बल्कि भारतीय एफडीआई के इतिहास में सबसे बड़ा रहा है। उन्होंने कहा, जियो और फेसबुक के बीच साझेदारी वास्तव में साबित करेगी कि यह भारत, भारतीयों और छोटे भारतीय कारोबारियों के लिए बहुत अच्छी है...और मार्क मुझे लगता है कि आने वाले महीनों और वर्षों में हमारी बातों की तुलना में हमारा कामों की गूंज अधिक होगी। फेसबुक ने अप्रैल में जियो प्लेटफॉर्म में 43,574 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी।