फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समुद्र में सुरक्षा कवच हुआ मजबूत: आईएनएस निपुण नौसेना में शामिल; नौसेना प्रमुख बोले- खतरे से निपटने को तैयार

Mon, 31 Aug 2026 03:42 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई

सार

आईएनएस निपुण के नौसेना में शामिल होने के मौके पर  नौसेना प्रमुख कृष्ण स्वामीनाथन ने मुंबई में नौ सेना के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय रणनीतिक बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रही है। वैश्विक समुद्री मार्गों पर खतरे बढ़ रहे हैं और समुद्री क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हो रही है।  खतरों की प्रकृति भी लगातार बदल रही है, जिससे नई तरह की चुनौतियां और जटिलताएं सामने आ रही हैं।
विज्ञापन
आईएनएस निपुण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने सोमवार को मुंबई में कहा कि बदलते वैश्विक रणनीतिक माहौल में समुद्री क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। पश्चिम एशिया का संकट, समुद्री मार्गों पर खतरे और क्षेत्र में बढ़ता सैन्यीकरण भारत के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। ऐसे समय में आईएनएस निपुण के नौसेना में शामिल होने से गहरे समुद्र में गोताखोरी, पनडुब्बी बचाव, आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों की क्षमता मजबूत होगी।

विज्ञापन


समुद्री क्षेत्र में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
एडमिरल स्वामीनाथन मुंबई में भारतीय नौसेना में गहरे समुद्र में गोताखोरी करने वाले जहाज आईएनएस निपुण को शामिल किए जाने के मौके पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हम आज रणनीतिक रूप से बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। समुद्री क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है और खतरों की प्रकृति भी लगातार बदल रही है तथा नए रूप ले रही है। पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल, वैश्विक समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे और क्षेत्र के देशों द्वारा तेजी से किए जा रहे सैन्य साजो-सामान के विस्तार के बीच पश्चिमी नौसेना कमान समुद्री क्षेत्र में सामने आ रही इन चुनौतियों से निपटने में सबसे आगे रहेगी।

हर संभावित खतरे से निपटने की तैयारी
उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि किसी खास समय पर हमारे देश को किन खतरों का सामना करना पड़ सकता है, उनके सटीक स्वरूप का अनुमान लगाना हमेशा संभव नहीं होता। लेकिन हम संभावित खतरों के लिए निश्चित रूप से तैयार रह सकते हैं और ऐसी मजबूत क्षमताएं विकसित कर सकते हैं, जो हमें इन चुनौतियों का मजबूती से सामना करने में सक्षम बनाएं, चाहे वे कहीं से भी पैदा हों।' 
विज्ञापन


आईएनएस निपुण से अंडरवाटर क्षमता होगी मजबूत
नौसेना प्रमुख ने कहा कि देश का पश्चिमी तट पश्चिमी नौसेना कमान के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में आईएनएस निपुण भारतीय नौसेना की बहु-आयामी अभियानों की क्षमता को मजबूत करने के लिए जरूरी विशेष जलमग्न क्षमताओं में महत्वपूर्ण इजाफा करेगा।

ये भी पढ़ें: एक्सप्लेनर: क्या है एससीओ, क्यों इस साल की बैठक भारत के लिए पहले से भी ज्यादा अहम, पीएम मोदी की रणनीति क्या?
विज्ञापन


300 मीटर गहराई तक गोताखोरी में सक्षम
आईएनएस निपुण में समुद्र की 300 मीटर तक की गहराई में गोताखोरी अभियानों को संचालित करने और उनमें सहायता देने की क्षमता है। जहाज को इस तरह तैयार किया गया है कि यह जरूरत पड़ने पर तेजी से पनडुब्बी बचाव अभियान भी चला सके। आईएनएस निपुण की भूमिका केवल सैन्य अभियानों तक सीमित नहीं रहेगी। इसे आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों के लिए भी तैनात किया जा सकता है। इस तरह यह जहाज समुद्र के भीतर बचाव अभियानों के साथ-साथ संकट की परिस्थितियों में राहत और सहायता पहुंचाने में भी भारतीय नौसेना की क्षमताओं को बढ़ाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें