सुभाष चंद्र यादव, कोस्टल मरीन में कैप्टन हैं। लंबी समुद्री यात्राओं के दौरान अक्सर अपने दोस्तों और परिवार से संपर्क नहीं कर पाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया ने उनकी परेशानी हल कर दी है और वे फेसबुक-ट्विटर के जरिए अपने प्रियजनों के संपर्क में रहते हैं। एक नवंबर को उनकी एक फेसबुक प्रोफाइल से उनके करीबियों को दोबारा फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई।
जैसे ही उनके अधिकारियों-दोस्तों ने नई फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की, उनसे यह बताते हुए आर्थिक मदद मांगी गई कि वे आईसीयू में एडमिट हैं और उन्हें पैसे की सख्त जरूरत है। उनके करीबियों ने 2.20 लाख रुपये बताए गए नंबर पर भेज दिए। बाद में पता चला कि सुभाष चंद्र यादव की फर्जी प्रोफाइल बनाकर उनके दोस्तों से पैसों की ठगी की गई थी।
यादव ने 'अमर उजाला' को बताया कि उन्हें इस फ्रॉड का पता तब चला जब उनके एक अधिकारी ने फोन कर उन्हें बताया कि उन्होंने उनके खाते में 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं। उनके करीबियों से छोटी-छोटी रकम की ही मांग की गई थी, लिहाजा उनके अधिकारियों ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और किसी ने 20 हजार, 40 हजार और किसी ने 60 हजार रुपये बताए गए खाते में डाल दिए। फ्रॉड का पता चलने के बाद उन्होंने फेसबुक पर अपने दोस्तों को इस बारे में जानकारी दी।
सुभाष चंद्र यादव अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं। इसी प्रकार अलग-अलग तरीकों से लोगों का करीबी बताकर और कोई आर्थिक संकट बताकर लोगों से पैसे की मांग की जाती है। फ्रॉड में अक्सर छोटी-छोटी रकम की मांग की जाती है, ताकि लोगों को कोई शक न हो। बाद में पता चलने पर भी छोटी रकम का फ्रॉड होने के कारण भी लोग इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और धोखेबाजी का यह खेल चलता रहता है।
इन तरीकों से भी अपराध
अपराधी फ्रॉड के लिए आजकल कई नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें ईमेल-व्हाट्सएप कर लोगों को केबीसी में इनाम जीतने की जानकारी देकर पूरा पैसे देने से पहले क्लीयरेंस के नाम पर कुछ पैसे मांगे जाते हैं। इसी प्रकार महिलाओं को शादी के लिए वायदा कर कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर भी पैसे मांगे जाते हैं। कभी-कभी फोन कर आपसे कोई कहता है कि आपने उसे पहचाना नहीं, वह आपके बचपन का पुराना दोस्त है और बातों-बातों में आपसे फोनपे, पेटीएम, गूगलपे से पैसे मांग लिए जाते हैं।
क्या कहते हैं साइबर अधिकारी
दिल्ली साइबर सेल के डीसीपी अनीश राय ने कहा कि अपराधियों ने फ्रॉड का यह नया तरीका खोज लिया है। इसी प्रकार वे लोगों के करीबियों को फंसाते हैं और उनसे बीमारी या एक्सीडेंट जैसी घटनाओं को बताकर आपातकालीन मदद की मांग करते हैं। लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए। बिना फोन से कन्फर्म किए, पैसे नहीं देने चाहिए।
अधिकारी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति पहले से ही आपकी फ्रेंड लिस्ट में है और उसकी दोबारा फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो तुरंत इसके बारे में सावधान रहना चाहिए। इसके फर्जी होने की बहुत अधिक संभावना होती है।
फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल आईडी हमेशा लॉक्ड रखनी चाहिए। इससे आपकी फोटो डाउनलोड करना आसान नहीं रह जाता है। फेसबुक प्रोफाइल के साथ मोबाइल नंबर और ईमेल को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके सहारे ही अपराधी आप तक या आपके बैंक खातों तक पहुंच आसान बनाते हैं।