अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारियों में से एक बताया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने कहा कि बदलती दुनिया में भारत और अमेरिका मिलकर बड़े वैश्विक मुद्दों का समाधान निकाल सकते हैं। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें बेहद बुद्धिमान और शानदार नेता बताया। रुबियो ने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी शुरुआती बैठकों में से एक बैठक क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों के साथ हुई थी, जहां पहली बार उनकी मुलाकात जयशंकर से हुई थी।
क्वाड बैठक को लेकर क्यों अहम माना जा रहा दौरा?
मार्को रुबियो का यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। रुबियो ने भी अपने बयान में संकेत दिया कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में और मजबूत तरीके से साथ काम करेंगे।
कार्यक्रम में क्या रहा खास आकर्षण?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में संगीतकार एआर रहमान की प्रस्तुति सबसे बड़ा आकर्षण रही। ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने अपने मशहूर गीत ‘जय हो’ की प्रस्तुति दी, जिसे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहा। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। समारोह के दौरान दोनों देशों की दोस्ती और साझेदारी को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।