अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत दौरे के बाद आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। रूबियो ने गुजरात के जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी का भी दौरा किया, जहां ऊर्जा और निवेश के अवसरों पर बातचीत हुई।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत का दौरा पूरा कर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया की तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वह भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ नजर आए। रूबियो ने अपने संदेश में भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की बात कही। रूबियो ने लिखा कि वह भारत से रवाना हो चुके हैं। इस दौरे के दौरान क्षेत्र में अमेरिका की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया गया। भारत के साथ आर्थिक साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
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US Secretary of State Marco Rubio, along with US Ambassador to India, Sergio Gor, pictured at the Gateway of India. Sharing the photos on X, Secretary Rubio tweets, "Just departed India having advanced our economic and strategic priorities in the region. Continuing to build our economic partnership and energy security cooperation makes both our nations stronger." (Source: X/US Secretary of State Marco Rubio)
भारत क्यों आए थे मार्को रूबियो?
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो 20 और 21 अक्तूबर को भारत दौरे पर आए। यह इस साल उनका दूसरा भारत दौरा था। इस बार उनका कार्यक्रम दिल्ली के बजाय मुंबई और गुजरात के जामनगर पर केंद्रित रहा। दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाना था। व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा, तकनीक और निवेश जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल रहे।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ की बैठक
मुंबई में रूबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया। रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, उभरती तकनीक और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। रूबियो ने व्यापार समझौते को लेकर कहा कि दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और कुछ मुद्दे सुलझाने बाकी हैं।
रूसी तेल और वेनेजुएला के कच्चे तेल का मुद्दा क्यों अहम रहा?
भारत की रूसी तेल खरीद और अमेरिका की ऊर्जा नीति दोनों देशों के संबंधों में अहम मुद्दे रहे हैं। रूबियो ने भारत दौरे के दौरान रिलायंस को वेनेजुएला से ज्यादा कच्चा तेल अपनी रिफाइनरियों में प्रसंस्कृत करने और वहां तेल उत्पादन की संभावनाओं पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। जामनगर की रिफाइनरी विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल को प्रसंस्कृत करने में सक्षम है। अमेरिका भारत को ऊर्जा के दूसरे स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।