महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। ताजा घटनाक्रम विपक्षी खेमे- महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के नेता द्वारा भाजपा नीत महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित किए जाने का है। इस मामले में एमवीए के प्रमुख चेहरे और शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने टिप्पणी की है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को मिले पुरस्कार पर राउत ने सवाल खड़े किए। उन्होंने सवाल किया, 'क्या आप जानते हैं कि यह पुरस्कार किसने दिया? राजनीतिक नेताओं को दिए जाने वाले ऐसे पुरस्कार या तो खरीदे जाते हैं या बेचे जाते हैं।'
क्या है मामला, किसने-किसे सम्मानित किया
बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-एसपी) के प्रमुख और वयोवृद्ध राजनेता शरद पवार ने महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार (Mahadji Shinde Rashtra Gaurav Puraskar) से सम्मानित किया है। गौरतलब है कि शिंदे विधानसभा चुनाव 2024 से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के खिलाफ बगावत की थी। जिसके बाद वे भाजपा के समर्थन से सीएम बने थे।
शरद पवार पर भड़के उद्धव ठाकरे
इसे लेकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे भड़क गए और कहा कि शरद पवार को शिंदे का सम्मान करने से बचना चाहिए था। सांसद संजय राउत ने कहा कि जिसने शिवसेना के दो टुकड़े किए, सरकार गिराई और विश्वासघात किया। ऐसे व्यक्ति को पुरस्कार देना महाराष्ट्र के गौरव को ठेस पहुंचाने वाला है। यह हमारे लिए दुखद है। राउत ने सम्मेलन को राजनीति से प्रेरित बताया।
कौन हैं महादजी शिंदे
मराठा साम्राज्य के इतिहास में महादजी शिंदे को एक शक्तिशाली योद्धा के नाम से जाना जाता है। 1761 के पानीपत के युद्ध में मराठों की हार हुई थी। उसके10 साल बाद 1771 में महादजी शिंदे ने हार का बदला लिया था और दिल्ली में भगवा फहराया था।
पीएम मोदी के पेरिस दौरे पर भी टिप्पणी
राउत ने इसके अलावा पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह "गर्व की बात" है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिणी फ्रांस के शहर मार्सिले का दौरा किया। राउत ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में इसका विशिष्ट स्थान है। राउत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में वीर सावरकर के योगदान को याद करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर के खिलाफ सवाल उठाना सही नहीं है। विचारधाराओं में मतभेद होने के बावजूद, सावरकर एक बड़े स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी भी थे। अगर प्रधानमंत्री सावरकर से जुड़ी जगह पर जाते हैं और उन्हें याद करते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह गर्व की बात है।
फ्रांस में पीएम मोदी ने सावरकर को दी श्रद्धांजलि
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस यात्रा के दौरान मंगलवार शाम मार्सिले का दौरा किया। इस शहर में उन्होंने वीर सावरकर के साहसिक प्रयास को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने संकट के समय उनका समर्थन करने वाले फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, मार्सिले विशेष महत्व रखता है। यहीं पर महान वीर सावरकर ने साहसी भागने का प्रयास किया था। मैं मार्सिले के लोगों और उस समय के फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मांग की थी कि उन्हें ब्रिटिश हिरासत में न सौंपा जाए। वीर सावरकर की बहादुरी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी!