महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा भड़क उठे है। मराठा आंदोलनकारियों में से एक शख्स के नदी में कूदकर खुदकुशी के विरोध में बुलाए गया महाराष्ट्र बंद मंगलवार को हिंसक हो गया है। महाराष्ट्र बंद के दौरान राज्य के कई जिलों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई।
मराठा आंदोलन का सर्वाधिक असर मराठवाड़ा में रहा। औरंगाबाद में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और सड़क पर खड़े ट्रकों में आग लगा दी। यहां स्कूल- कालेज ऐहतियातन बंद रखें गए और इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई। औरंगाबाद में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस सिपाही श्याम लक्ष्मण पाठगावकर (50) का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया।इस बीच मंगलवार को दो और युवकों ने नदी में कूदकर जान देने की कोशिश की।
वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकार के विरोध में अपने सिर मुंडवा लिए। मराठा आंदोलन उग्र होने के कारण उस्मानाबाद शहर की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। परभणी में आंदोलनकारियों ने ट्रेन रोक दी और सड़क को अवरुद्ध कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बसों को भी आग के हवाले कर दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने युवक शिंदे की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार मराठा समाज की मांग पर गंभीर है और उनकी मांग पूरा करने के लिए प्रयत्नशील है।
शिवसेना सासद खैरे से धक्कामुक्की, गाड़ी में तोड़फोड़
औरंगाबाद में स्थानीय लोगों ने शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे की गाड़ी पर हमला कर दिया। कुछ लोगो ने सांसद के साथ धक्कामुक्की भी की और गुस्साई भीड़ ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया। सांसद के साथ यह घटना उस समय हुई जब वे गोदावरी में कूदकर आत्महत्या करने वाले युवक काकासाहेब शिंदे के दाह-संस्कार में हिस्सा लेने जा रहे थे।