सार
वानखेडे बृहस्पतिवार को कहा कि मनोज जरांगे के पीछे एनसीपी संस्थापक शरद पवार का हाथ है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि जालना जिले के अंतरवाली सराटी में हुए दंगे की जांच कराई जाए। संगीता वानखेडे ने कहा, मनोज जरांगे पाटिल वही करते हैं, जो शरद पवार कहते हैं।
मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल के सहयोगियों ने ही उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया है, जिससे आंदोलन में फूट पड़ गई है। अजय बारस्कर महाराज के बाद मराठा आंदोलन से जुड़ी संगीता वानखेडे ने मनोज जरांगे पर गंभीर आरोप लगाए है।
वानखेडे बृहस्पतिवार को कहा कि मनोज जरांगे के पीछे एनसीपी संस्थापक शरद पवार का हाथ है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि जालना जिले के अंतरवाली सराटी में हुए दंगे की जांच कराई जाए। संगीता वानखेडे ने कहा, मनोज जरांगे पाटिल वही करते हैं, जो शरद पवार कहते हैं। शरद पवार की पार्टी खत्म हो चुकी है। इसलिए वे मनोज जरांगे के माध्यम से वोटबैंक तैयार करना चाहते हैं। इसलिए यह आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, मनोज जरांगे सभी के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन शरद पवार के खिलाफ कभी कुछ नहीं कहते। संगीता ने कहा कि सरकार जांच कराए कि दंगे हुए या मराठा आरक्षण के नाम पर दंगे कराए गए। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था।
सरकार ने मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव पारित किया है। उसके बाद आंदोलन का क्या औचित्य है। उन्होंने सवाल किया कि 10 फरवरी को चौथी बार अनशन पर बैठने से पहले मनोज जरांगे पाटिल को किसका फोन आया था, इसका खुलासा करें। दरअसल, अजय बारस्कर का भी निशाना शरद पवार की ही तरफ है।