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Manoj Jarange Fast: आज समाप्त होगा मराठा आरक्षण कार्यकर्ता का अनशन; बीते छह दिनों से डटे हैं मनोज जरांगे

Thu, 30 Jan 2025 05:56 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालना

सार

मनोज जरांगे उस मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं, जिसमें कुनबी समुदाय को मराठा समुदाय के सदस्यों के ‘सगे सोयरे’ (रक्त संबंधी) माना गया है, ताकि उन्हें ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के तहत आरक्षण दिया जा सके।
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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने कहा कि वह बृहस्पतिवार को अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि अब वह आरक्षण की मांग को आगे बढ़ाने के लिए एक नई रणनीति अपनाएंगे। 

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जरांगे और 104 अन्य कार्यकर्ताओं ने 25 जनवरी को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठों के लिए आरक्षण की मांग के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके अलावा, जरांगे ने बीड जिले के मासजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या में शामिल लोगों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। देशमुख को 9 दिसंबर, 2024 को अपहरण कर प्रताड़ित किया गया और हत्या कर दी गई थी। 

जरांगे ने बुधवार रात कहा, 'मैंने उपवास वापस लेने का फैसला किया है, क्योंकि मुझे आगे बढ़ने के लिए एक नई रणनीति अपनानी है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह मराठा समुदाय को आरक्षण देने का इरादा रखती है।'
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जरांगे ने सीएम फडणवीस पर गुमराह करने का आरोप लगाया
जरांगे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि वह मराठा समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने फडणवीस से शाम तक अपना रुख स्पष्ट करने को कहा, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध रखी है। मेरा उपवास उन लोगों को बेनकाब करने के लिए था जो वास्तव में इस मुद्दे का समर्थन करते हैं।'

अनशन के पांचवें दिन बिगड़ी जरांगे की सेहत
अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले दिन में जरांगे के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन उन्होंने इलाज के लिए नसों से तरल पदार्थ लेने से इनकार कर दिया। अनशन के पांचवें दिन उनकी सेहत बिगड़ गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुरोध पर जरांगे ने सोमवार रात को थोड़ा पानी पिया था। वह मंगलवार को भी संतोष देशमुख के परिवार के अनुरोध के बाद पानी पीने के लिए राजी हुए थे।

इस मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे जरांगे
जरांगे उस मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं, जिसमें कुनबी समुदाय को मराठा समुदाय के सदस्यों के ‘सगे सोयरे’ (रक्त संबंधी) माना गया है, ताकि उन्हें ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के तहत आरक्षण दिया जा सके।

जरांगे का यह सातवां अनिश्चितकालीन अनशन
जरांगे ने शनिवार को उम्मीद जताई थी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मराठा समुदाय की मांगों को मानेंगे। यह 1 सितंबर 2023 के बाद से उनका सातवां अनिश्चितकालीन अनशन है। उस समय पुलिस ने अंतरवाली सराटी में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था।

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