कोलकाता ब्रिगेड परेड ग्राउंड में 19 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की प्रस्तावित महारैली की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नहीं आने के बावजूद विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं ने इसमें शामिल होने की पुष्टि कर दी है। ममता इस रैली में भीड़ के अब तक के तमाम रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हैं। यही वजह है कि शुक्रवार से ही राज्य के विभिन्न जिलों से तृणमूल समर्थकों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। ममता ने बीते साल ही भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों का महागठबंधन बनाने के मकसद से इस रैली का एलान किया था।
प्रदेश में अब तक वर्ष 1977 में माकपा की ओर से आयोजित रैली को ही सबसे बड़ी रैली माना जाता है। ममता की निगाहें भीड़ के उस रिकॉर्ड को तोड़ने पर है। कांग्रेस की ओर से लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे रैली में हिस्सा लेंगे। उनके अलावा जिन अन्य नेताओं ने यहां आने की पुष्टि की है उनमें दिल्ली के अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के एच.डी.कुमारस्वामी शामिल हैं।
उनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, राजद नेता तेजस्वी यादव, नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन इसमें मौजूद रहेंगे। बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की ओर से मायावती के बजाय वरिष्ठ नेता सतीश मिश्र रैली में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि बसपा ने सतीश मिश्र को रैली में भेजने की पुष्टि की है। इसके साथ ही रैली में तमाम प्रमुख विपक्षी दलों का प्रतिनिधित्व रहेगा।