विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो को बड़ा झटका लग सकता है। राज्य के पूर्व सीएम चंपई सोरेन सहित पार्टी के कुछ विधायक जल्द भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हाल ही में झामुमो से निकाले गए विधायक लोबिन हेम्ब्रम भी पार्टी के संपर्क में हैं। राज्य में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि चंपई सोरेन राज्य के सीएम हेमंत सोरेन से नाराज चल रहे हैं। उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा से दो दौर की बातचीत हुई है। चंपई इस समय दिल्ली में हैं। उनकी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात होनी है। इस मुलाकात के बाद चंपई झामुमो के कुछ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाने से पहले हेमंत के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद चंपई को मुख्यमंत्री बनाया गया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद चंपई ने हेमंत की ताजपोशी के लिए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बदले चंपई को हेमंत मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
कौन हैं चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन झारखंड विधानसभा के सदस्य हैं। वर्तमान में वह झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी से सरायकेला विधानसभा सीट से विधायक हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप वह हेमंत सोरेन सरकार में परिवहन, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
चंपई ने 1974 में जमशेदपुर स्थित राम कृष्ण मिशन हाई स्कूल से 10वीं की पढ़ाई की थी।
'झारखंड टाइगर' के नाम से चर्चित
जब बिहार से अलग झारखंड राज्य की मांग उठ रही थी उस दौरान चंपई का नाम खूब चर्चा में रहा। शिबू सोरेन के साथ ही चंपई ने भी झारखंड के आंदोलन में भाग लिया। इसके बाद ही लोग उन्हें 'झारखंड टाइगर' के नाम से बुलाने लगे।