फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई: एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के ब्रिज पर मची भगदड़ में 22 की मौत, रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Sat, 30 Sep 2017 07:51 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
विज्ञापन
मुंबई में एक रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर शुक्रवार को भगदड़ मचने से 22 लोगों की मौत हो गई और 39 लोग घायल हो गए। सुबह करीब 10:30 बजे तेज बारिश के चलते पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान अफवाह फैलने से अफरातफरी मच गई और हादसा हो गया। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मध्य रेलवे की सेंट्रल लाइन के परेल स्टेशन और पश्चिम रेलवे की वेस्टर्न रेल लाइन के एलफिंस्टन स्टेशन को जोड़ने वाले पुल पर यह दुर्घटना हुई। यह पुल बहुत संकरा है और कमर्शियल इलाका होने के कारण रोज लाखों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। खासकर सुबह और शाम को तो इस पर बहुत ज्यादा दबाव होता है। शुक्रवार सुबह से ही बूंदाबांदी हो रही थी लेकिन घटना के समय बारिश तेज हो रही थी। इसलिए सभी यात्री पुल पर ही ठहर गए। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी।

पढ़ें-  मुंबई भगदड़: रेल मंत्री ने दिया उपनगरीय स्टेशनों के निरीक्षण का आदेश

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुल पर भारी भीड़ के बीच धक्का-मुक्की होने लगी और इसी दौरान तेज आवाज के साथ शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद भगदड़ शुरू हो गई। कुछ अन्य लोगों के अनुसार पहले एक तेज आवाज हुई, जिसके बाद पुल गिरने की अफवाह से भगदड़ शुरू हुई और पुल पर फिसलन के कारण भीषण हादसा हो गया। पुलिस भी मान रही है कि तेज आवाज के साथ हुए शॉर्ट सर्किट के बाद फैली अफवाह की वजह से भगदड़ मची। 
विज्ञापन


मृतकों में 8 महिलाएं शामिल
पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि जांच के बाद हादसे की वजह का पता चल सकेगा। मृतकों में 14 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में से 19 की पहचान की जा चुकी है। ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने के कारण हुई। 

आधे घंटे बाद पहुंची राहत-बचाव टीम
राहत और बचाव कार्य के लिए आपदा प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की टीमें हादसे के आधे घंटे के बाद पहुंचीं। तब तक स्टेशन पर मौजूद लोगों ने घायलों को बचाने और उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की। घटनास्थल पर मौजूद किशोर ठक्कर ने बताया कि बहुत ही खौफनाक मंजर था। भगदड़ के बाद एक के ऊपर एक लाशें और जख्मी पड़े  लोग हुए थे। ज्यादातर घायलों को मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के किंग एडवर्ड मेडिकल (केईएम) कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन

मृतकों के परिजनों को 10 लाख की आर्थिक सहायता और घायलों का मुफ्त इलाज

रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। रेलवे गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख और मामूली रूप से जख्मी लोगों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देगा। सिंगापुर के दौरे पर गए फडणवीस ने कहा है कि हादसे की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

उच्चस्तरीय जांच के आदेश
गोयल ने मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि बहुत ही दुखद हादसा हुआ है। उन्होंने इस हादसे की जांच का आदेश दिया है। इसके साथ ही मुंबई के सभी ओवर ब्रिज की सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। गोयल ने कहा कि दिसंबर तक पुल के ऑडिट का काम पूरा कर लिया जाएगा।

रेल मंत्री को करना था उद्घाटन
गोयल को शुक्रवार को ही 100 उपनगरीय ट्रेनों को हरी झंडी दिखानी थी, लेकिन हादसे की वजह से उसमें तब्दीली की गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही वे केईएम अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल जाना। वहां उन्हें लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।

...तो नहीं होती यह घटना, हादसे के बाद टेंडर
इस पुल को चौड़ा करने की मांग काफी दिनों से उठाई जा रही थी। पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस पुल पर बढ़ते बोझ और उसके चरमराते ढांचे की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया था। यहां तक कि 2016 के बजट में भी नया पुल बनाने की घोषणा की गई थी। लेकिन इसका टेंडर शुक्रवार को जारी किया गया।

सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो की जांच कर रही
हादसे की असली वजहों का पता लगाने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन में लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो को खंगाल रही है। पुलिस ने पुल पर लगे सीसीटीवी का फुटेज हासिल कर लिया है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें