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Railways: 'कई संविदा कर्मचारियों पर चल रहे आपराधिक मामले, अनिवार्य हो पुलिस सत्यापन', रेलवे बोर्ड ने दी सलाह

Thu, 05 Sep 2024 08:06 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Railways: रेलवे बोर्ड ने कहा कि सुरक्षा (अपराध) आकंड़ों से कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां संविदा कर्मचारियों को यात्रियों की संपत्ति की चोरी, उत्पीड़न और रेलवे संपत्ति की चोरी जैसे मामलो में शामिल पाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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रेलवे बोर्ड ने संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए पुलिस सत्यापन को अनिवार्य बनाने की सलाह दी है। बोर्ड ने कहा कि आपराध के आंकड़ों से पता चलता है कि इन कर्मचारियों की संलिप्तता उत्पीड़न, यात्रियों के सामान और रेलवे संपत्ति की चोरी जैसे कई मामलों में पाई गई है। 

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बोर्ड ने कहा कि आंकड़ों की जांच करने पर यह पाया गया कि कई मामलों में पुलिस ने सत्यापन नहीं किया गया था। बोर्ड ने सभी 17 रेलवे जोन के सामान्य प्रबंधकों और भारतीय रेलवे कैटरिंग और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक को एक परिपत्र (सर्कुलर) जारी किया। इसमें कहा गया, सुरक्षा (अपराध) आकंड़ों से कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां संविदा कर्मचारियों को यात्रियों की संपत्ति की चोरी, उत्पीड़न और रेलवे संपत्ति की चोरी जैसे मामलो में शामिल पाया गया है।  

'नियुक्ति से पहले हो सौ फीसदी पुलिस सत्यापन'
बीस अगस्त को जारी सर्कुलर में बोर्ड ने सुझाव दिया कि इन मामलों को ध्यान में रखते हुए जोनल रेलवे और आईआरसीटीसी को सलाह दी जाती है कि ट्रेनों और स्टेशनों पर कैटरिंग और वेंडिंग स्टाफ की नियुक्ति से पहले उनका 100 फीसदी पुलिस सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि उनकी पृष्ठभूमि को जाना जा सके। 
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'कई संविदा कर्मियों के खिलाफ लंबित हैं आपराधिक मामले' 
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सर्कुलर तब जारी किया गया जब पता चला कि कई संविदा कर्मचारियों के खिलाफ पहले से ही आपराधिक मामले लंबित हैं। ये कर्मचारी कैटरिंग और वेंडिंग के काम के लिए नियुक्त किए गए थे।  

'अपराधियों की नियुक्ति को रोकना जरूरी'
एक रेलवे अधिकारी ने बताया, ऐसे छोटे अपराधियों को रेलवे की नौकरियों में संविदा कर्मचारी के रूप में नियुक्त करने से रोकना बहुत जरूरी है और पुलिस सत्यापन ही इसका एकमात्र समाधान है। इसलिए बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे के संचालने के हित में विभिन्न जोन और आईआरसीटीसी को यह सलाह दी है। 

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