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मनसुख हत्याकांड: कोर्ट में एनआईए का दावा, हिरेन की हत्या की साजिश रचने वालों में वाजे भी शामिल

Wed, 31 Mar 2021 03:29 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मुंबई

सार

  • हत्या व उसके मकसद के खुलासे के करीब पहुंची एनआईए
  • पूर्व कांस्टेबल शिंदे व बुकी नरेश का रिमांड 7 अप्रैल तक बढ़ा
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मनसुख हिरेन की हत्या मामले में एनआईए ने किया बड़ा खुलासा - फोटो : PTI
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विस्तार
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कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विशेष अदालत में सनसनीखेज खुलासा किया है। एनआईए का दावा है कि हिरेन की हत्या की साजिश रचने वाली बैठक में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और पूर्व पुलिसकर्मी विनायक शिंदे मौजूद थे। एनआईए ने कहा कि वाजे ने साजिशकर्ता से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि उसने साजिशकर्ता का नाम नहीं बताया।

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एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह इस साजिश और अपराध के पीछे जो मकसद था उसके खुलासे के बेहद करीब है। इस बीच विशेष जज पीआर सित्रे ने हत्या मामले में शिंदे और अन्य आरोपी क्रिकेट बुकी नरेश गोर की एनआईए कस्टडी सात अप्रैल तक बढ़ा दी है। वहीं वाजे की हिरासत तीन अप्रैल को समाप्त हो रही है।

गौरतलब है कि हिरेन के पास एक स्कॉर्पियो कार थी, जो विस्फोटकों के साथ 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के बाहर पाई गई थी। बाद में हिरेन का शव ठाणे के मुंब्रा में पांच मार्च को एक तालाब में पड़ा मिला। महाराष्ट्र एटीएस ने इस महीने के शुरू में इस मामले में निलंबित कांस्टेबल शिंदे और गोर को गिरफ्तार किया था। एनआईए ने दोनों को पिछले हफ्ते अपनी कस्टडी में लिया था।
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सात सिमकार्ड पर वाजे व शिंदे से पूछताछ जरूरी
एनआईए ने अदालत को बताया कि जांच में पता चला है कि वाजे और शिंदे उस जगह मौजूद थे, जहां हिरेन की हत्या की साजिश रची जा रही थी। जांच के दौरान सात सिमकार्ड, कुछ मोबाइल फोन और सीपीयू की बरामदगी के मामले में दोनों से पूछताछ जरूरी है। मोबाइल और सिमकार्ड निलंबित कांस्टेबल शिंदे के घर से बरामद हुए थे। एनआईए की ओर से पेश विशेष वकील सुनील गोंजाल्विस ने अदालत को बताया कि जांच दल को एक पेपर मिला, जिसमें 14 मोबाइल नंबर लिखे थे। उनमें से पांच नंबर वाजे के पास थे। वाजे को एक मोबाइल भी दिया गया था, जिससे उसने हिरेन की हत्या के लिए साजिशकर्ता से संपर्क साधा था।

देशमुख के खिलाफ परमबीर की पीआईएल पर सुनवाई आज
बॉम्बे हाईकोर्ट महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त की जनहित याचिका पर 31 मार्च को सुनवाई को तैयार हो गया है। परमबीर सिंह ने याचिका में देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर बम रखने के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ्तार सचिन वाजे से बार और रेस्तरां से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने को कहा था।

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