मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी स्कॉर्पियो मिलने और उसके मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने मनसुख हिरेन की पत्नी और उसके बेटे का बयान दर्ज किया है।
वाजे का दावा, मनसुख हिरन की कार का नहीं किया था इस्तेमाल : जांच अधिकारी
सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे ने इस बात से इनकार किया है कि वह मनसुख हिरन की स्कॉर्पियो कार का उपयोग कर रहे थे। महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर रही एटीएस ने इस सप्ताह की शुरुआत में वाजे का बयान दर्ज किया था। हिरेन की पत्नी ने दावा किया था कि उनके पति ने नवंबर में वाजे को अपनी कार दी थी, जिसे मुंबई अपराध शाखा में तैनात रहे अधिकारी ने फरवरी के पहले सप्ताह में लौटाया था। हिरेन ने दावा किया था कि यह गाड़ी कुछ दिन पहले चोरी हो गई थी।
बता दें कि मनसुख की पत्नी विमला हिरेन ने कुछ दिन पहले एटीएस को बताया था कि जिस पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी उसने चार महीने तक घटना में शामिल स्कॉर्पियो कार का इस्तेमाल किया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि उनके पति की हत्या में भी सचिन वाजे का हाथ है।
मनसुख हिरेन की मौत के मामले में एटीएस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मनसुख की पत्नी का जवाब दाखिल किया था। विमला ने बताया था कि सचिन वाजे उनके पति के संपर्क में थे। नवंबर 2020 में वाजे ने मनसुख से स्कॉर्पियो कार इस्तेमाल करने के लिए ली थी। 5 फरवरी 2021 को वाजे ने अपने ड्राइवर के हाथों कार वापस लौटा दी थी।
विमला ने कहा था कि 'एंटीलिया के पास संदिग्ध अवस्था में कार मिलने के बाद 26 फरवरी को मेरे पति मनसुख इंस्पेक्टर सचिन वाजे के साथ मुंबई अपराध शाखा गए थे। उसके बाद तीन दिन लगातार सचिन वाजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर ले गया।' उन्होंने बताया कि 'मनसुख ने जांच के दौनरा जो जवाब दिए उसकी कॉपी भी घर लेकर आए और उन पर सचिन वाजे के हस्ताक्षर भी हैं। वाजे ने मनसुख से कहा था कि गिरफ्तार हो जाओ। दो-तीन दिन में जेल से बाहर निकाल लेंगे।'
महाराष्ट्र सरकार ने वाजे को क्राइम ब्रांच से हटाया
वहीं मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी जांच शुरू कर दी है। एनआईए टीम मंगलवार को मुंबई पहुंचते ही कई जगह छापेमारी कर अहम सबूत जुटाए। वहीं इन दोनों मामलों में पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के नाम पर हो रही छींटाकशी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें क्राइम ब्रांच से हटा दिया है।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को विधान परिषद में बताया कि इन दोनों में संदिग्ध भूमिका के आरोप लगने के चलते सचिन वाजे को क्राइम ब्रांच से हटा दिया गया है। वाजे को दूसरे विभाग में तैनात किया गया है ताकि मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच हो सके।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से सचिन वाजे का क्राइम ब्रांच से दूसरे विभाग में स्थानांतरण की घोषणा के बाद विपक्ष ने विधान परिषद में जमकर हंगामा किया। इस दौरान विपक्षी पार्टी भाजपा के सदस्यों ने सचिन वाझे को निलंबित कर गिरफ्तार करने की मांग की।