राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 100 करोड़ रुपये की उगाही के आरोपों पर घिरे महाराष्ट्र सरकार में अपने कोटे के गृहमंत्री अनिल देशमुख के बचाव में खुलकर आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने रविवार रात कहा कि देशमुख के इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। सरकार की किसी भी जांच के लिए वह तैयार हैं।
हालांकि, रविवार दोपहर एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने देशमुख पर लगे आरोपों को गंभीर माना। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे देशमुथ को हटाने के लिए निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
पवार ने मीडिया से बातचीत में दावा किया, महाराष्ट्र की साझा सरकार के भविष्य पर इसका असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, यह सरकार को अस्थिर करने की साजिश हो सकती है। आरोपों की गहराई से जांच जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा, मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के बाद परमबीर सिंह ने ये आरोप लगाए। वह पद पर थे, तब क्यों नहीं बोले। उन्होंने वसूली के कोई सुबूत भी नहीं दिए। अपराध खुफिया शाखा के प्रमुख सचिन वाजे की बहाली का फैसला परमबीर का ही था।
वहीं, रविवार रात पवार के आवास पर हुई बैठक के बाद पार्टी नेतृत्व देशमुख के साथ खड़ा नजर आया। जयंत पाटिल ने कहा, मनसुख हिरेन की हत्या की जांच को भटकाने के लिए परमबीर ने ये आरोप लगाए।
रिबेरो का नाम सुझाया...उनका इनकार
पवार ने मामले की जांच के लिए महाराष्ट्र के बेदाग छवि वाले आईपीएस अफसर जूलियो रिबेरो के नाम का सुझाव दिया। पर, रिबेरो ने पेचीदा मामला बताते हुए जांच से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, वाजे को जिसने बहाल किया, उसे क्यों नहीं पकड़ा जा रहा है।
अब पांडे बोले- परमबीर ने गवाहों को धमकाया था
अब महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय पांडे ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। उन्होंने परमबीर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आईआईटी कानपुर के छात्र रहे पांडेय ने कहा, एडीजी देवेन भारती के खिलाफ जांच के मामले में परमबीर ने गवाहों को धमकाया था और जांच को प्रभावित किया था। बाद में अतिरिक्त सचिव ने एडीजी की जांच ही रोकने का आदेश दे दिया था।
दूसरे मंत्रियों का टारगेट कितना: महाराष्ट्र के गृहमंत्री का 100 करोड़ रुपये का टारगेट था तो दूसरे मंत्रियों का कितना था। ठाकरे सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।
-रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री
अब पुलिस रखती है बम: देशमुख कह रहे हैं कि परमबीर बचने के लिए आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने उनके कारनामों की जांच क्यों नहीं की। सुना था कि आतंकी बम रखते हैं, अब पता चला पुलिस बम रखती है।
-राज ठाकरे, मनसे अध्यक्ष