दिल्ली के गोकुलपुरी में एक सीलिंग को गैरकानूनी तरीके से तोड़कर सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर आए भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बुधवार को कहा कि वे अदालत के सामने भ्रष्ट अधिकारियों की पोल खोलेंगे। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सीलिंग के मामले में कुछ अधिकारियों के द्वारा पक्षपात पूर्ण तरीका अपनाया जा रहा है और वे इसका हर स्तर पर विरोध जारी रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट के उनसे नाराज होने की खबर पर तिवारी ने कहा कि अदालत जब उनका पक्ष समझेगी तो सब साफ हो जाएगा क्योंकि कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट के अच्छे इरादों को मिट्टी में मिलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मनोज तिवारी ने कहा कि सीलिंग करने वाले अधिकारी ओखला, जाफराबाद जैसे इलाकों में सीलिंग नहीं कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कई हेक्टेयर जमीन पर बिल्डिंग बना लिया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई सीलिंग नहीं हो रही है। जब इन इलाकों में सीलिंग का मामला उठता है तो यही अधिकारी कानून-व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए सीलिंग नहीं करते हैं। ऐसे में सिर्फ उन्हीं गरीब लोगों पर कार्रवाई क्यों होनी चाहिए जो पचीस या पचास गज के छोटे से प्लाट में किसी तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोकुलपुरी के जिस मकान में सीलिंग की गई थी, उसको डेयरी बताया गया था, जबकि लालडोरा क्षेत्र में रहने वालों के लिए अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए दो जानवरों को पालने की अनुमति होती है। ऐसे में सिर्फ दो जानवरों को पालने के कारण किसी के मकान को डेयरी बताना और उसे सील करना बिल्कुल गलत है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार लोगों की इस तकलीफ के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है क्योंकि अगर वे चाहते तो लगभग 400 सड़कों को नोटिफाई कर दिया होता जिससे इन इलाकों में सीलिंग नहीं होती। उन्होंने कहा कि केजरीवाल हर काम के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं लेकिन अब यह बहाना नहीं चलेगा। उन्हें बताना होगा कि उन्होंने इन इलाकों पर आज तक कोई नोटिफिकेशन जारी क्यों नहीं किया।
मनोज तिवारी ने कुछ दिन पूर्व अधिकारियों के द्वारा सील किये गए गोकुलपुरी के एक मकान की सील तोड़ दी थी। इस गैरकानूनी कार्य को करने के कारण उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई है और कहा है कि एक जनप्रतिनिधि के द्वारा इस तरह कानून तोड़ना बेहद आपत्तिजनक है। सुप्रीम कोर्ट मनोज तिवारी के खिलाफ इस मामले में नोटिस भी जारी कर सकता है।