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मनोज जरांगे का बड़ा बयान: 500 करोड़ वाली ऑडियो क्लिप असली, सच छिपाने की हो रही कोशिश; सरकार से क्या मांग की?

Sun, 25 Oct 2026 06:47 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, जालना, महाराष्ट्र

सार

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने 500 करोड़ रुपये वाली वायरल ऑडियो क्लिप को असली बताया है। उन्होंने इसे एआई से बना फर्जी बताने के दावों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री से इसकी गहन फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
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मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने '500 करोड़ रुपये' वाली ऑडियो क्लिप विवाद पर रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा जारी की गई '500 करोड़ रुपये' वाली ऑडियो क्लिप को फर्जी साबित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑडियो क्लिप का शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत से कोई लेना-देना नहीं है। वहींं, महाराष्ट्र भाजपा ने आरोप लगाया है कि इस क्लिप के पीछे राउत का हाथ है, जिसे राज्यसभा सांसद ने बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया।
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ऑडियो क्लिप में क्या है आरोप?
बता दें कि गुरुवार को जरांगे द्वारा जारी की गई ऑडियो क्लिप में भाजपा पदाधिकारियों के बीच कथित बातचीत है। इसमें कहा गया है कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता को शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे (उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे) के जरिए 500 करोड़ रुपये दिए गए। जरांगे ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची थी, वे इस ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद हैरान रह गए। अब वे इसे झूठा साबित करने के लिए दावा कर रहे हैं कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
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मुख्यमंत्री से क्या मांग की?
अंकुशनगर में पत्रकारों से बात करते हुए जरांगे ने जोर देकर कहा कि वायरल हुई ऑडियो क्लिप असली है। जारांगे ने दावा किया, 'मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस रिकॉर्डिंग की गहन जांच हो, जिसमें फोरेंसिक जांच भी शामिल है। अगर मुख्यमंत्री सच सामने नहीं ला पाते हैं, तो इससे इस साजिश में उनकी अपनी संलिप्तता पर भी सवाल उठेंगे।' उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग इस क्लिप को लेकर सवालों के घेरे में हैं, वे खुद को बचाने के लिए दिल्ली भाग रहे हैं। जरांगे ने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे से आंदोलन को पटरी से उतारने और उन्हें बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह इस साजिश के पीछे के लोगों को सबूतों के साथ मराठा समुदाय और महाराष्ट्र की जनता के सामने बेनकाब करेंगे।
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एक सवाल के जवाब में जरांगे ने कहा, इस ऑडियो क्लिप का राउत से कोई संबंध नहीं है। सत्ताधारी 'महायुति' के घटक दल सच सामने लाने के बजाय एक-दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।' आगे उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय ने भाजपा, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का समर्थन किया था, लेकिन सत्ताधारी गठबंधन अब मराठा आंदोलन को न्याय दिलाने के बजाय अपने राजनीतिक हितों को बचाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है। आप (महायुति) अपने गठबंधन को लेकर चिंतित हैं, न कि मराठा समुदाय को लेकर।
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