ड्रग मुक्त भारत, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
पीएम मोदी का ध्यान ड्रग्स की तरफ एक श्रोता अभिषेक पारीख ने दिलाया था। उसने पीएम से इसपर बात करने के लिए कहा था जिसके बाद उन्होंने पूरे दिसंबर 2014 के पूरे महीने को इस समस्या से निपटने के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों को ड्रग मुक्त भारत हैशटेग का इस्तेमाल करके एक ऑनलाइन मूवमेंट शुरू करने और लोगों को जागरुक करने के लिए कहा था। ड्रग को लेकर पीएम ने कहा था कि नशे की लत बुरी है, बालक बुरा नहीं है। जब कोई लक्ष्य न हो तब जीवन में ड्रग्स का प्रवेश हो जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस- अपने इसी संबोधन में पीएम मोदी ने बताया था कि भारत के योग प्रस्ताव का 177 देशों का को-स्पांसर बनना वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देशवासियों को खुशखबरी देते हुए बताया था कि संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने के लिए स्वीकृति दे दी है। इसके बाद अगले साल से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हो गई थी।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
अपने रेडियो कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को देशभर में एक अभियान बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बेटियों को पढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि जब एक बेटी पढ़ती है तो पूरा घर शिक्षित होता है। उन्होंने मां के गर्भ में बेटियों की होने वाली भ्रूण हत्या को रोकने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि बेटे और बेटियों के बीच भेदभाव को खत्म करना होगा। भ्रूण हत्या को लेकर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा था कि हम न केवल मौजूदा पीढ़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी भयानक संकट को आमंत्रित कर रहे हैं।
परीक्षा तनाव
परीक्षा के दिनों में बच्चे अक्सर तनावग्रस्त हो जाते हैं। खासतौर पर बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। इस परेशानी की गहराई को समझते हुए पीएम मोदी ने इसे अपनी मन की बात में शुमार किया था। छात्रों से पीएम ने कहा था कि परीक्षा अपनी क्षमता पहचानने का एक तरीका है, लिहाजा छात्रों को अपनी ताकत पहचाननी चाहिए। स्कूलों को सुझाव देते हुए उन्होंने साल में दो बार परीक्षा उत्सव आयोजित करके इसका हौवा दूर करने के लिए कहा था। छात्रों के माता-पिता से उन्होंने कहा था कि वह उनके मन में परीक्षा का हौवा न पैदा होने दे इसके लिए हर रोज परीक्षा से आने के बाद छात्रों से यह नहीं पूछा जाना चाहिए कि पेपर कैसा गया?
जलवायु परिवर्तन
दुनियाभर के लोग जलवायु परिवर्तन की समस्या से जूझ रहे हैं। इस मुद्दे को भी पीएम मोदी ने अपनी मन की बात में शामिल करते हुए लोगों को कई नसीहतें दी थीं। किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने पर चिंता जाहिर करते हुए पीएम ने कहा था कि फसल के अवशेष भी बहुत कीमती होते हैं। वे अपने आप में एक जैविक खाद होती है लेकिन हम उसको बर्बाद करते हैं। फसल के अवशेष जलाने से जमीन के ऊपर की परत जल जाती है, जो हमारी उर्वरा भूमि को मृत्यु की ओर धकेल देती है। किसानों को जागरुक करने के लिए उन्होंने कहा था कि किसानों को प्रशिक्षित करना पड़ेगा, सत्य समझाना पड़ेगा कि फसल अवशेष जलाने से हो सकता है समय, मेहनत बचती होगी, लेकिन ये सच्चाई नहीं है। फसल के अवशेष को फिर से एक बार जमीन में दबा दिया जाये तो वो खाद बन जाता है।