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तीन मूर्ति भवन: मनमोहन सिंह ने लिखा पीएम मोदी को पत्र, कहा- नेहरू की भूमिका को समाप्त न करें

Mon, 27 Aug 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो जवाहरलाल नेहरू के योगदान को मिटाने की कोशिश ना करें। मनमोहन ने कहा है कि नेहरू केवल कांग्रेस के नहीं बल्कि वो पूरे देश के थे। उन्होंने कहा कि नेहरू से जुड़े तीन मूर्ति भवन से सरकार छेड़छाड़ ना करे। मनमोहन सिंह ने चिट्ठी में गुस्से का इजहार करते हुए लिखा है कि सरकार एजेंडे के तहत नेहरू मेमोरियल म्यूजियम (एनएमएमएल) और लाइब्रेरी के स्वरूप और उसकी संरचना को बदलने में लगी है।

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पत्र में सिंह ने लिखा है कि नेहरू न केवल कांग्रेस बल्कि पूरे देश से संबंध रखते थे। सिंह ने पूछा है कि तीन मूर्ति भवन को क्या बिना बदलाव किए छोडा जाएगा? बीते हफ्ते भेजे गए इस पत्र में सिंह ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा है कि जब वह पीएम थे तब उनके 6 साल के कार्यकाल में नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और तीन मूर्ति परिसर में बदलाव करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।लेकिन दुर्भाग्य से वर्तमान सरकार एजेंडे के तहत ऐसा कर रही है।

सिंह का पत्र उस समय आया है जब भारत सरकार ने तीन मूर्ति परिसर में सभी प्रधानमंत्रियों के नाम के म्यूजियम बनाने की योजना बनाई है। इसी कारण कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रही है कि यह नेहरू की विरासत को मिटाने का प्रयास है। 

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इतिहास और विरासत दोनों का सम्मान हो

सिंह ने अपने खत में यह भी कहा है कि किसी भी तरह के प्रयास से नेहरू के रोल और योगदान को मिटाया नहीं जा सकता। इस भावना का आदर करें और तीन मूर्ति भवन को उन्हीं के नाम से रहने दें। इसमें किसी प्रकार का कोई बदलाव न करें। इस तरह हम इतिहास और विरासत दोनों का सम्मान करेंगे।  

सिंह ने आगे कहा है कि एनएमएमएल भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की स्मृति को समर्पित है। साथ ही यह भारतीय राष्ट्र-राज्य के प्रमुख वास्तुकार के हुनर की झलक भी दिखाता है जिन्होंने हमारे देश और वास्तव में दुनिया पर एक अविश्वसनीय छाप छोड़ी है। नेहरू के बारे में लिखते हुए सिंह ने कहा है कि उनकी उनकी  विशिष्टता और महानता को राजनीतिक विरोधियों द्वारा भी स्वीकार किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा है कि नेहरू के साथ-साथ स्वतंत्रता आंदोलन के लिए लिहाज से ये ऐसे ही बना रहना चाहिए। क्योंकि नेहरू ने स्वतंत्रता आंदोलन में अमूल्य भूमिका निभाई है। उन्होंने करीब 10 साल जेल में बिताए हैं। खत में उन्होंने दोहराते हुए कहा है कि ''हमें इस भावना का सम्मान करना चाहिए और हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से जुड़े तीन मूर्मि मेमोरियल में किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। इस तरह हम इतिहास और विरासत दोनों के प्रति सम्मान प्रकट करेंगे। पंडित नेहरू केवल कांग्रेस से संबद्ध नहीं हैं बल्कि पूरे देश से उनका नाता है। इसी भावना के तहत मैं आपको यह खत लिख रहा हूं।''
 
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