ऐसे तो प्रधानमंत्री रहते डॉ. मनमोहन सिंह कई बार मध्यप्रदेश आए। इस दौरान उन्होंने कई प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। लेकिन इन दिनों मध्यप्रदेश मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ने लगेगी। भोपाल में चलने वाली मेट्रो की सौगात पूर्व सीएम मनमोहन सिंह ने ही दी थी। उस समय वे प्रधानमंत्री थे। जबकि मध्यप्रदेश कद्दावर नेता कमलनाथ शहरी विकास मंत्री थे। जबकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर थे।
डॉ. मनमोहन सिंह आखिरी बार मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 में आए थे। 17 दिसंबर 2019 को जब मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार को एक वर्ष पूरे हुए तो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भोपाल आए थे। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन सीएम कमल नाथ के साथ मीडिया से संयुक्त रूप से चर्चा की थी। उस दौरान कमलनाथ सरकार ने अपना 'विजन डॉक्यूमेंट' लांच किया था।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। मैं उन सौ भाग्यशाली व्यक्तियों में शामिल था जिन्हें उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करने का मौका मिला। डॉक्टर मनमोहन सिंह दुनिया के सम्मानित अर्थशास्त्री और भारत के जन कल्याण पर ध्यान देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हैं। किसानों की कर्ज़ माफ़ी, बच्चों को शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, आदिवासियों के लिए वन अधिकार क़ानून जैसी बहुत सी उपलब्धियां उनके खाते में दर्ज हैं। उनके निधन से पूरे देश को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
वहीं मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेता अरुण यादव ने लिखा कि महान अर्थशास्त्री, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर दुखद है, ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। भारतीय राजनीति के इतिहास में मनमोहन जी योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और देश उनके अमूल्य योगदान का ऋणी रहेगा। मैं अपने आपको बड़ा सौ भाग्यशाली समझता हूं जो उनके सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ, उनके नीतियों पर चलकर हमने कई ऐतिहासिक आयाम स्थापित किए।