फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनमोहन पर पीएम के आरोप को लेकर संसद में आज गतिरोध थमने के आसार

Wed, 20 Dec 2017 09:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / नई दिल्ली
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : PTI
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर पाकिस्तान के साथ साजिश करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोप को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में चल रहे गतिरोध पर विराम लगने के संकेत मिले हैं। इस मामले पर राज्यसभा के उपसभापति की ओर से सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के सुझाव के बाद दोनों पक्षों ने एक समिति गठित करने का फैसला किया है।
विज्ञापन

 
राज्यसभा में कांग्रेस लगातार दबाव डालती रही कि प्रधानमंत्री मोदी को सदन में आकर गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें। कांग्रेस सदस्य इस मामले पर नारेबाजी करते रहे और पीएम से माफी की मांग करते रहे।



इस पर उपसभापति एम. वेंकैया नायडू ने विपक्ष और सरकार से इस मामले का मिल-बैठकर हल निकालने की अपील की। हंगामा बढ़ता देख सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि मैं अपने सभी सहयोगियों और विपक्ष के नेताओं को बुलाकर इस मुद्दे का समाधान खोजने की कोशिश करूंगा। जेटली के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और सदन की कार्यवाही चल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

घातक हो सकते हैं ऐसे आरोप: आजाद

योगी आदित्यनाथ, मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान आरोप प्रत्यारोप लगते रहते हैं लेकिन कुछ आरोप घातक हो सकते हैं। ऐसे ही आरोप एक पूर्व प्रधानमंत्री पर लगाए गए हैं जो दस साल तक पद पर रहे। आजाद ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और देश के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल किए गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के अलावा दस साल तक पूर्व उपराष्ट्रपति रहे, पूर्व विदेश मंत्री, पूर्व सेना प्रमुख आदि पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

साजिश थी तो जांच क्यों नहीं कराई: खड़गे

लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से कहा कि इस मुद्दे को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से मिला था। खड़गे का कहना है कि प्रधानमंत्री ने देश के सम्मानित लोगों पर जिस तरह के आरोप लगाएं हैं, उन्हें सबूतों के साथ साबित करें या फिर माफी मांगे। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व पीएम, पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सेना प्रमुख, पूर्व मंत्री आदि पाकिस्तान के साथ मिलकर कोई साजिश कर रहे थे तो खुफिया जांच एजेंसी कहां थी, इसकी जांच क्यों नहीं कार्रवाई की गई। गुजरात के चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री ने ऐसे आरोप लगाए थे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें