फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मनीष सिसोदिया ने कहा: दिल्ली सरकार के हैप्पी करिकुलम ने अभिभावकों को भी मानसिक तौर पर मजबूत किया

Sun, 28 Mar 2021 10:00 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले वर्ष का कोरोना काल पूरी मानवता के लिए कठिन चुनौती के रूप में गुजरा है। इस दौरान दिल्ली में ही नहीं दुनिया भर में लाखों लोगों की नौकरियां चली गईं और लोग अवसाद में चले गए। ऐसे कठिन समय में भी दिल्ली के अभिभावकों को इस कठिन हालात से निपटने में दिल्ली के उस हैप्पीनेस करिकुलम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो मुख्य रूप से छात्रों को मानसिक तौर पर खुश रखने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया था।
विज्ञापन
मनीष सिसोदिया - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने हार्वर्ड सोशल एंटरप्राइज कॉन्फ्रेंस में मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक-भावनात्मक लर्निंग पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भौतिक प्रधान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत बढ़ती जा रही है। लोग जितनी तेजी से आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर रहे हैं, वे उतनी ही तेजी से सामाजिक रूप से कट रहे हैं और अकेलापन बढ़ता जा रहा है।

विज्ञापन


इसका असर यह हो रहा है कि लोग मानसिक तौर पर अशांत हो रहे हैं। यह शांति उन्हें तभी मिल सकती है जब वे अपनी भूमिका केवल कमाने-खाने से आगे बढ़कर सामाजिक कार्यों में भी तलाशें। उन्होंने कहा कि मानसिक खुशी अकेलेपन में नहीं तलाशी जा सकती है क्योंकि मनुष्य स्वभावत: समाज में ही रहने के लिए बना हुआ है। ऐसे में अकेलापन उसे एक उदासी में डाल देता है।      

सिसोदिया ने कहा कि हमारे जीवन में लचीलापन लाने की सख्त जरूरत है। कोरोना महामारी के समय, घर पर रहना अपने आप में एक बड़ा आघात था। लोगों में भविष्य को लेकर एक अनिश्चितता बनी रही और करोड़ों लोगों की नौकरी भी छूट गई। ये सभी के लिए कठिन समय थे और हमारे सहनशीलता ने इस कठिन समय से निकलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने छात्रों और शिक्षकों को माइंडफुलनेस का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया। हमारे हैप्पीनेस करिकुलम का उद्देश्य बच्चों में आत्म-जागरूकता और माइंडफुलनेस, क्रिटिकल थिंकिंग और वैज्ञानिक कौशलों को विकसित करना, छात्रों को प्रभावी ढंग से संवाद करना सिखाना और उन्हें अपने आसपास के तनावपूर्ण और प्रतिकूल स्थितियों से निपटने के लिए जीवन कौशल सिखाने में मदद करना था।

उन्होंने कहा कि यह यह योजना बनाई तो छात्रों-शिक्षकों के लिए गई थी, लेकिन इसके कारण अभिभावकों को भी खासी मदद मिली। इसे वे अपनी योजना की बड़ी कामयाबी मानते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर हमारी रणनीति को बदलने और कुशलक्षेम को सीखने के डोमेन के रूप में मुख्यधारा के विषयों के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें