दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया
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दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि आज दुनिया अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन उच्च स्तर की शिक्षा इन चुनौतियों का उचित समाधान खोजने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चों को स्थानीय सोच रखने की बजाय अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से निबटने के लिए योग्य बनाया जाना चाहिए क्योंकि दुनिया एक ग्लोबल गांव के रूप में विकसित हो रही है जहां किसी एक देश की समस्या केवल उसके तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दूसरों पर भी असर डालती है। इसलिए बच्चों को वैश्चिक चुनौतियों को समझने और इनसे निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
किंग्स कॉलेज, लंदन द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में भाग लेते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि आज दुनिया कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। ये समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना ने पूरी दुनिया को सिखा दिया है कि इस तरह की चुनौतियों के लिए वैश्विक रूप से साझा प्रयास किए जाने चाहिये क्योंकि किसी एक की भी भागीदारी कमजोर रह जाने से यह पूरा प्रयास निष्फल हो जाने का खतरा पैदा हो जाता है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि वे हमेशा शिक्षा को नौकरी लेने का नहीं, नौकरी देने योग्य बनने का साधन मानते हैं। दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में बच्चों को उसी स्तर की शिक्षा देने की कोशिश कर रही है जिससे बच्चे किसी दूसरे पर निर्भर न रहें, बल्कि वे पूरी तरह आत्मनिर्भर रहें।