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Manipur Violence: शिशु के घुटने में गोली मारी, मन नहीं भरा तो आंखें निकालीं; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

Thu, 28 Nov 2024 03:47 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

उग्रवादियों में किस कदर हैवानियत भरी थी इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 10 माह के शिशु के घुटने में गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। यही नहीं, जब उग्रवादियों का मन नहीं भरा तो उन्होंने बच्चे की दोनों आंखें निकाल लीं। 
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मणिपुर हिंसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंसाग्रस्त मणिपुर के जिरिबाम जिले में अपहरण किए छह लोगों को बड़ी नृशंसता से मारा गया था। दो महिलाओं और एक बच्चे के बाद बाकी तीन की भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है। उग्रवादियों में किस कदर हैवानियत भरी थी इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 10 महीने के बच्चे को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। जब उग्रवादियों का मन नहीं भरा तो उन्होंने बच्चे की दोनों आंखें निकाल लीं। सभी शवों पर गोलियों के घाव और क्रूर चोटों के निशान थे। 

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17 नवंबर को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बाद संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने मणिपुर के जिरीबाम जिले के बोरोबेकरा क्षेत्र से तीन महिलाओं और तीन बच्चों का अपहरण कर लिया था। अगले कुछ दिन बाद, उनके शव जिरीबाम जिले में जिरी नदी और असम के कछार में पास की बराक नदी में पाए गए थे। 

असम के एसएमसीएच में हुआ पोस्टमार्टम 
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों का शिकार हुए बाकी तीन लोगों का भी असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएमसीएच) में पोस्टमार्टम किया गया। अधिकारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 10 महीने के शिशु लैशराम लमंगनबा को बाएं घुटने के जोड़ में गोली मारी गई थी। जब उग्रवादियों का मन इतने से भी नहीं भरा तो, उन्होंने बच्चे की दोनों आंखें निकाल लीं। 

लमंगनबा की चाची, 31 वर्षीय तेलेम थोइबी को सीने में तीन और पेट में एक गोली मारी गई। उसकी खोपड़ी को किसी कुंद वस्तु से कुचला गया था, जिससे गंभीर फ्रैक्चर हो गया और मस्तिष्क क्षति-विक्षत हो गया। इतना ही नहीं उसकी आंखें बाहर निकल गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। थोइबी की आठ वर्षीय बेटी तेलेम थजामनबी देवी की भी गोली लगने से मौत हो गई।

 

पोर्टमार्टम रिपोर्ट में दो बुजुर्गों का विवरण भी शामिल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 11 नवंबर को संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के हमले के दौरान मारे गए दो बुजुर्गों का विवरण भी शामिल है। उनके शव 12 नवंबर को जली हुई अवस्था में पाए गए थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मैबाम केशो मैतेई (72) के शरीर पर गंभीर आघात किया गया। उसके शव को जलाया गया और उसके शरीर के अंग निकाल लिए गए। जबकि लैशराम बारेन मैतेई (64) गंभीर रूप से झुलसे हुए पाए गए।

ढाई साल के बच्चे के चेहरे पर मारी गई थीं गोलियां
इससे पहले, रविवार को एक बच्चे और दो महिलाओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई थी। उग्रवादियों में किस कदर हैवानियत भरी थी इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता था कि ढाई साल के बच्चे को चेहरे पर गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा था। यही नहीं उसके सीने और हाथ को चाकू से गोदा गया था। 

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बच्चे का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक भी शव देखकर सिहर उठे थे
बच्चे का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक भी शव की हालत देखकर सिहर गए थे। जब चेहरे पर गोलियां मारने से हमलवरों का जी नहीं भरा तो उसके पूरे शरीर पर हमला किया। उसकी दाहिनी आंख भी गायब मिली। महिला लेशराम हेइतोम्बी देवी (25) को उसके सीने के पीछे तीन बार गोली मारी गई थी। चौथी गोली पीछे मारी गई थी। गोलियों से उसके दिल, फेफड़े और पसलियां कट गईं जिससे उसकी मौत हो गई। युरेम्बम रानी देवी (68) को पांच गोलियां लगीं। एक सिर में, दो छाती में, एक पेट में और एक बांह में।
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