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Manipur Unrest: मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा; 21 घर जलाए, शांति बहाली की कोशिश में जुटा प्रशासन

Mon, 09 Feb 2026 06:44 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर के उखरुल में मामूली विवाद के बाद भड़की हिंसा में अब तक 21 घर जल चुके हैं। हथियारबंद बदमाशों की फायरिंग के बाद कई ग्रामीणों ने पलायन किया है। प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शांति बहाली की कोशिशों में जुटे हैं और लोगों से संयम बरतने को कहा है।
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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा - फोटो : ANI
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विस्तार
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पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के उखरुल जिले में सोमवार दोपहर को एक बार फिर हिंसा भड़क गई। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा तब भड़की जब कथित तौर पर हथियारबंद बदमाशों ने लिटन सरेखोंग गांव में कई घरों को आग लगा दी। इस दौरान हमलावरों ने हवा में गोलियां भी चलाईं। इस डर से ग्रामीण अपना जरूरी सामान लेकर पड़ोसी जिले कांगपोकपी के सुरक्षित इलाकों में चले गए हैं। कई तांगखुल ग्रामीणों ने भी अपना घर छोड़ दिया है।

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क्या है मामला?
इस हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को हुई थी। तब लिटन गांव में सात-आठ लोगों ने तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति पर हमला किया था। हालांकि, पीड़ित पक्ष और गांव के मुखिया ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया था। रविवार को इस पर एक बैठक होनी थी, लेकिन वह बैठक नहीं हो पाई।

इसके बजाय, पास के सिकिबुंग गांव के लोगों ने लिटन सरेखोंग के मुखिया के घर पर हमला कर दिया। खबरों के मुताबिक, ग्रामीणों ने पुलिस स्टेशन के पास फायरिंग भी की। रविवार रात को दो समूहों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद प्रशासन ने पाबंदी लगा दी। इसके बाद सोमवार आधी रात को तांगखुल नागा समुदाय के घरों में आग लगा दी गई। इसका आरोप कुकी उग्रवादियों पर लगा है। इसके बाद कुकी समुदाय के भी कुछ घर जलाए गए।

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ये भी पढ़ें: मणिपुर में दो आदिवासी समूहों के बीच हिंसक झड़प: उखरुल में पत्थरबाजी और फायरिंग, प्रशासन ने लागू की निषेधाज्ञा

क्या बोले राज्य मंत्री?
राज्य मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने बताया कि हालात बहुत तनावपूर्ण हैं। सोमवार सुबह तक 17 घर जले थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 21 हो गई है। उपमुख्यमंत्री एल डिखो मौके पर मौजूद हैं और लोगों से बात कर रहे हैं। शांति बहाल करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
शांति के लिए एक बड़ी बैठक भी हुई। इसमें तांगखुल नागा लॉन्ग, असम राइफल्स के अधिकारी, विधायक और कुकी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष शांति चाहते हैं और हिंसा रुकनी चाहिए। उन्होंने इसे कुछ लोगों की शरारत बताया और इसे बड़ा रूप न देने की अपील की।
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मुख्यमंत्री ने घायलों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने सभी समुदायों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और घायलों को पूरी मदद दी जाएगी।

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