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मणिपुर में फिर हिंसा: दो कुकी महिलाओं की हत्या, कई लापता; तमेंगलोंग के लिसांग कुकी गांव में खेतों पर हमला

Wed, 16 Sep 2026 08:53 AM IST
एन अर्जुन अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल।

सार

मणिपुर में फिर हिंसा भड़कने की खबर है। दो कुकी महिलाओं की हत्या के बाद कई लोग लापता हैं। तमेंगलोंग के लिसांग कुकी गांव में खेतों पर हमला हुआ है। खेतों में बने कई घरों में आग लगाई गई। दो दिन पहले चार कुकी-जो नागरिक मारे गए थे।
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सीआरपीएफ (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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विस्तार
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मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच तमेंगलोंग जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। लिसांग कुकी गांव में मंगलवार को हुए कथित हमले में दो कुकी-जो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के लापता होने की सूचना है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हमला उस समय हुआ जब ग्रामीण अपने खेतों में मौजूद थे। हमले के दौरान खेतों में बने कई घरों में भी आग लगा दी गई। हालांकि, हमलावरों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुई हैं।

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मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सिटल्होऊ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। दोनों लिसांग गांव की रहने वाली थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, किम्बोई ने हाल ही में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी और घटना के समय अपने परिवार के खेत में मदद कर रही थीं।

खेतों में गए कई ग्रामीण लापता
हमले के बाद उन ग्रामीणों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो खेती के काम से गांव से बाहर खेतों में गए थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और लापता लोगों का जल्द पता लगाने की मांग की है।
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दो दिन पहले चार नागरिकों की हत्या
ताजा घटना से महज दो दिन पहले 13 सितंबर को तमेंगलोंग जिले के टोलन और लॉन्गपी इलाकों में चार कुकी-जो नागरिकों की अलग-अलग घटनाओं में हत्या कर दी गई थी। टोलन में एक दंपती की भी हत्या हुई थी। इन घटनाओं के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई थी।

लगातार हो रही घटनाओं ने तमेंगलोंग के दूरदराज और संवेदनशील इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कई परिवार आजीविका के लिए गांव से दूर खेतों और वहां बने घरों पर निर्भर हैं। सुरक्षा जोखिम के बावजूद उन्हें खेती के लिए इन इलाकों में जाना पड़ता है।

हमलावरों की पहचान अभी साफ नहीं
सूत्रों ने हमले के पीछे सशस्त्र उग्रवादियों के शामिल होने का दावा किया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी हमलावरों की पहचान और घटना के पूरे क्रम को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ताजा घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग उठ रही है। कई ग्रामीणों के लापता होने के कारण परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोग लापता लोगों की तलाश, घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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