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Manipur Violence: राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री, मणिपुर में पांच दिन और बढ़ा इंटरनेट पर प्रतिबंध

Wed, 17 May 2023 07:57 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल

सार

जानकारी के मुताबिक राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी...
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राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात करते मुख्यमंत्री एन.वीरेन सिंह - फोटो : Agency
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विस्तार
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राजभवन में राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की और उन्हें राज्य की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने राज्य में किए गए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इस बीच, हिंसा प्रभावित मणिपुर में इंटरनेट पर पाबंदी पांच दिन और जारी रहेगी। मणिपुर सरकार ने इसकी जानकारी दी। सरकार ने इस संबंध में एक नई अधिसूचना जारी की। बताया जा रहा है कि राज्य में धीरे-धीरे जीवन पटरी पर लौट रही है।

जानकारी के मुताबिक राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी। राज्यपाल ने राजभवन में हाल ही में मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त कुलदीप सिंह और एडीजीपी आशुतोष सिन्हा से भी मुलाकात की।

इस बीच, हिंसा प्रभावित मणिपुर में इंटरनेट पर पाबंदी पांच दिन और जारी रहेगी। मणिपुर सरकार ने इसकी जानकारी दी। सरकार ने इस संबंध में एक नई अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में मणिपुर सरकार ने कहा कि ऐसी आशंकाएं हैं कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर छवियों, अभद्र भाषा और नफरत वाले वीडियो संदेशों के प्रसारण के लिए उपयोग कर सकते हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से गलत सूचना और झूठी अफवाहों के प्रसार को रोककर, जनहित में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय करना अभी भी आवश्यक है।

मणिपुर में घायल जवान ने दम तोड़ा

मणिपुर में उग्रवादी हमले में घायल हुए असम राइफल्स के जवान आलोक राव ने बुधवार को कोलकाता के कमांड अस्पताल में दम तोड़ दिया। रक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। सेना ने अपने सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जानकारी के मुताबिक राव 10 मई को मणिपुर के सेनापति जिले में जातीय संघर्ष में उग्रवादियों के हमले में घायल हो गए थे। अधिकारियों के अनुसार, उग्रवादियों ने डोलाईथाबी में सेना-असम राइफल्स के इलाके में गश्त के दौरान गोलीबारी की थी, जिसमें 18 असम राइफल्स के राइफलमैन राव घायल हो गए थे। सुरक्षाकर्मियों की जवाबी कार्रवाई के बाद चरमपंथी भागने में सफल रहे। घायल राव को हेलीकॉप्टर से मणिपुर के सैन्य अस्पताल और फिर कोलकाता के कमांड अस्पताल ले जाया गया। सेना और असम राइफल्स को मणिपुर में तैनात किए जाने के बाद शहीद होने वाले राव पहले अर्ध-सैन्य कर्मी थे।

कांग्रेस ने बनाई 'फैक्ट फाइंडिंग टीम

इस बीच, मणिपुर में हिंसा के कारणों का पता लगाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक फैक्ट फाइंडिंग टीम का गठन किया है। कांग्रेस पार्टी की तीन सदस्यीय टीम मणिपुर का दौरा करेगी। टीम राज्य में व्यापक हिंसा के कारणों का पता लगाएगी और इसकी सीमा का मूल्यांकन करेगी। टीम में सांसद मुकुल वासनिक, पूर्व सांसद डॉ अजॉय कुमार और त्रिपुरा के विधायक सुदीप रॉय बर्मन शामिल हैं। टीम कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

इस बीच, मणिपुर कांग्रेस के प्रभारी भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। उन्होंने कहा, मणिपुर में भाजपा सरकार हिंसा को रोकने या प्रभावित लोगों को बचाने और राहत शिविरों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में विफल रही है।

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