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Manipur Violence: बिष्णुपुर में हिंसा के बाद तनावपूर्ण शांति, कर्फ्यू में ढील नहीं; इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित

Wed, 08 Apr 2026 11:15 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर के बिष्णुपुर में बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण बना हुआ है। इस घटना के विरोध में हुई हिंसा और सुरक्षा बलों के साथ झड़प में दो और लोग मारे गए। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच एनआईए को सौंप दी है।
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मणिपुर में फिर भड़की हिंसा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में हिंसा के बाद शांति बरकरार है, लेकिन क्षेत्र में भारी तनाव बना हुआ है। मंगलवार की घटना के बाद से यहां के लोगों में काफी गुस्सा है। दरअसल, मंगलवार को मोइरांग ट्रोंगलाओबी में एक दर्दनाक घटना हुई थी। यहां कुछ संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका, जिस समय परिवार घर में सो रहा था। इस हमले में एक पांच साल के बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई, जबकि बच्चों की मां गंभीर रूप से घायल हो गईं थी।
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सीआरपीएफ कैंप रह हुआ हमला
इस घटना से लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। जिसके बाद लगभग 400 लोगों की भीड़ ने सीआरपीएफ के एक कैंप पर हमला कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने गोलियां चलाईं, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुरक्षा बल उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं।

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हिंसा की आग आसपास के जिलों तक पहुंची
हिंसा की आग इंफाल ईस्ट और वेस्ट तक भी पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की। उग्र भीड़ ने दो तेल टैंकरों और एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। फिलहाल इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।
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हालात अब भी तनावपूर्ण 
बुधवार सुबह से कोई नई हिंसा नहीं हुई है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इस स्थिति पर चर्चा के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की। उन्होंने बम हमले की कड़ी निंदा की और घोषणा की कि इस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी करेगी। बैठक में सभी दलों ने शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया। मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है। इस संघर्ष में अब तक कम से कम 260 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। 

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