मणिपुर सरकार ने बुधवार को राज्य में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध को और बढ़ा दिया। हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में इंटरनेट सेवाएं अगले पांच दिनों तक निलंबित रहेंगी। बुधवार को मणिपुर सरकार ने राज्य में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को 10 जुलाई तक बढ़ा दिया। तीन मई को मणिपुर सरकार ने सबसे पहले मणिपुर में ब्रॉडबैंड सहित इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया था। इससे पहले, मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य में बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को हिंसा प्रभावित राज्य में इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बहाल करने का निर्देश दिया था।
आठवीं कक्षा तक के खुले स्कूल
हिंसाग्रस्त मणिपुर में करीब दो माह बाद बुधवार को कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूल खुले। बच्चे सुबह-सुबह स्कूल पहुंचे। स्कूल आने की खुशी बच्चों के चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी, लेकिन एक भय भी उनके चेहरे पर झलक रहा था। इसे राज्य में शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, बच्चों की उपस्थिति कम रही।
जानकारी के मुताबिक राज्य के अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को पहली से आठवीं तक के करीब 4,521 स्कूल फिर से शुरू हो गए हैं। कहीं दस प्रतिशत, तो कहीं बीस प्रतिशत से ऊपर उपस्थिति रही। लेकिन औसतन लगभग बीस प्रतिशत उपस्थिति रही। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, परिवहनों की थोड़ी कमी, अभिभावकों और छात्रों के बीच डर अभी भी डर का माहौल है, इसलिए उपस्थिति कम रही।
शिक्षा निदेशक (स्कूल) एल. नंदकुमार सिंह ने मंगलवार के आदेशानुसार राज्य में 4,617 स्कूल हैं, लेकिन दोबारा से खोलने की अधिसूचना उन 96 संस्थानों पर लागू नहीं होगी, जिन्हें हिंसा-विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविरों में बदल दिया गया है। चूड़ाचांदपुर जिला ऐसे स्कूलों की संख्या की सूची में शीर्ष पर है, जिनकी संख्या 41 है, इसके बाद निकटवर्ती बिष्णुपुर में 17, काकचिंग में 10, इम्फाल पूर्व और कांगपोकपी में आठ-आठ, उखरुल और तेंगनौपाल में चार-चार, और इम्फाल पश्चिम और थौबल में दो-दो हैं। छात्रों को स्थानांतरित करने या राहत शिविरों को स्थानांतरित करने की वैकल्पिक व्यवस्था करने के बाद इन स्कूलों को खोलने के लिए एक अलग आदेश बाद में जारी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा था समीक्षा के बाद धीरे-धीरे उच्च कक्षाओं को शुरू किया जाएगा। इससे पहले 21 जून और फिर उसके बाद 1 जुलाई को स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया गया था, जिसे बाद में टालना पड़ा था।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 102 बंद
मणिपुर के थौबल जिले के वांगबल में हुई घटना से गुस्साए स्थानीय लोग बुधवार को सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 102 को बंद कर दिया। बुधवार को हेरोक में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 102 (भारत-म्यांमार रोड) और थौबल जिले के हेइरोक को बंद कर दिया। स्थानीय लोगों ने वांगजिंग के दो बाजारों को भी बंद कर दिया। मंगलवार को आईआरबी के कैंप में भीड़ ने हमला कर दिया था। इसमें हुई फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और उसके बाद राजमार्ग पर नाकेबंदी के कारण जन-जीवन पर असर पड़ा। लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।