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Manipur: CM बोले- थाडौ जनजाति को इंफाल बुलाने पर विचार कर रही सरकार; राज्यपाल ने चुराचांदपुर का दौरा किया

Tue, 13 Aug 2024 01:19 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मुख्यमंत्री सिंह ने सोमवार को विधानसभा में कहा, मैं थडौ जनजाति के लोगों को इंफाल में आमंत्रित करने के बारे में सोच रहा हूं। हमारी जनजाति के लोगों ने भी इंफाल आने में रुचि व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में हमार बंधुओं के साथ सकारात्मक चर्चा की। उन्होंने आपसी सहमति से कहा कि दोनों समुदायों के बीच संघर्ष गलतफहमी के कारण हुआ है।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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मणिपुर में पिछले साल मई में हुई मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा को शांत कराने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। 15 महीने बाद अब मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि वह कुकी जो समुदाय की सबसे बड़ी जनजाति थाडौ समूह के लोगों को राजधानी इंफाल में आमंत्रित करने के बारे में सोच रहे हैं। उधर, मणिपुर के नवनियुक्त राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को चुराचांदपुर शहर का दौरा किया। राज्यपाल आचार्य ने शांति के महत्व को रेखांकित किया और नेताओं को आश्वासन दिया कि कुकी समुदाय की चिंताओं का समाधान किया जाएगा। 

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मुख्यमंत्री सिंह ने सोमवार को विधानसभा में कहा, मैं थडौ जनजाति के लोगों को इंफाल में आमंत्रित करने के बारे में सोच रहा हूं। हमारी जनजाति के लोगों ने भी इंफाल आने में रुचि व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में हमार बंधुओं के साथ सकारात्मक चर्चा की। उन्होंने आपसी सहमति से कहा कि दोनों समुदायों के बीच संघर्ष गलतफहमी के कारण हुआ है। उन्होंने अपना रुख अपना लिया है और वे सरकार के साथ शांति वार्ता करेंगे।

अन्य समुदायों से भी संपर्क करने की कोशिश में सरकार: सिंह
सीएम सिंह ने कहा कि सरकार राज्य में शांति बहाल करने के अपने प्रयासों के तहत अन्य समुदायों से भी संपर्क कर रही है। नागा विधायक और मंत्री भी सहायता दे रहे हैं और मैं इसकी सराहना करता हूं। इस दौरान उन्होंने उन समूहों की आलोचना की, जिन्होंने सरकार को खराब छवि में दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने ऐसे सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि जो विरोध रैलियां आयोजित कर रहे हैं, वह ऐसा न करें। उन्होंने ऐसे सदस्यों से आह्वान किया कि हम विस्थापित लोगों की तब तक सेवा करें, जब तक कि वह स्थायी रूप से अपने घरों में वापस न लौट जाएं। 
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शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
मीडिया में विपक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि सरकार ने उन्हें राज्य में चल रहे संघर्ष पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी है, सिंह ने कहा कि इस विधानसभा सत्र के दौरान, उन्होंने संघर्ष से संबंधित सभी मुद्दों पर जवाब दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य और राष्ट्र की शांति भंग करने वाले सदन के सदस्य सहित सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

बता दें कि मैतेई समुदाय के सदस्य इंफाल घाटी क्षेत्र के बहुसंख्यक निवासी हैं। उनके और कुकियों के बीच जातीय हिंसा में पिछले साल मई से अब तक 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। हमार समुदाय के सदस्य भी जातीय रूप से कुकियों से जुड़े हुए हैं।

राज्यपाल ने हर घर तिरंगा बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी
बता दें कि मणिपुर के नवनियुक्त राज्यपाल आचार्य ने 31 जुलाई को मणिपुर के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने चुराचांदपुर के उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद हर घर तिरंगा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कुकी क्रिश्चियन चर्च (केसीसी) राहत केंद्र का भी दौरा किया, जहां उन्होंने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही शांति लौटेगी। राज्यपाल ने जोमी काउंसिल, जोमी छात्र संघ (जेडएसएफ), कुकी इनपी और हमार इनपुई के नेताओं से भी मुलाकात की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समुदाय के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को समुदाय के मुद्दों, खासकर हिंसा के बाद सामने आए मुद्दों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने राज्यपाल को पारंपरिक शॉल और ज्ञापन भेंट किए। आचार्य ने चुराचांदपुर चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों से भी बातचीत की। इस दौरान विद्यार्थियों ने शैक्षणिक और प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर एक ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा।

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