मणिपुर पुलिस ने शनिवार को बताया कि राज्य सरकार ने अवैध वसूली को रोकने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया है। पिछले 16 महीनों में अवैध वसूली के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, खासकर जब से राज्य में जातीय हिंसा भड़की है।
पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक (खुफिया) के. कबीर ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि कई भूमिगत समूह और गिरोह अपनी वसूली की गतिविधियों को बढ़ा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राजमार्गों पर चलने वाले ट्रकों से अवैध तरीके से कर वसूला जा रहा है। दान के नाम पर व्यवसायों, शिक्षण संस्थानों और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में बाधा पैदा हो रही है। कबीर ने कहा, पुलिस इन वसूली करने वाले समूहों और गिरोहों से निपटने के लिए कदम उठा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि ये भूमिगत समूह कभी-कभी अपहरण, ग्रेनेड हमलों और फोन पर धमकियों में भी शामिल होते हैं। इन गतिविधियों के जवाब में पुलिस ने एक जबरन वसूली रोधी प्रकोष्ठ का गठन किया है। जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) करेंगे और इसमें सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिदेशक शामिल होंगे।
स्पेशल सेल का क्या है उद्देश्य?
कबीर ने कहा, यह प्रकोष्ठ राज्य में अवैध वसूली के खिलाफ अभियान की निगरानी पर फोकस करेगा। जिला पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियो की मदद से वसूली के खिलाफ 15 विशेष टीमों का गठन कर चुकी है। बीते एक वर्ष में पुलिस ने 121 से अधिक वसूली करने वालों को गिरफ्तार किया है, साथ ही 215 से अधिक भूमिगत समूहों और गिरोहों के सदस्यों को भी पकड़ा है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के संबंध में पुलिस ने सीआरपीएफ के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-2 पर सड़क खोलने के लिए 16 विशेष टुकड़ियों को तैनात किया है। साथ ही ट्रकों की सुरक्षा के लिए भी दो अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी गई हैं। कबीर ने बताया कि वसूली के लिए हॉटस्पॉट के रूप में पहचान किए गए क्षेत्रों में मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं, ताकि जांच और छापेमारी की जा सके।