मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में पिछले महीने दो बार भाजपा प्रवक्ता टी माइकल लामजाथांग हाओकिप के घर पर हुए हमले को लेकर थाडौ स्टूडेंट्स एसोसिएशन (टीएसए-जीएचक्यू) ने कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) के प्रमुखों को पत्र लिखा है। पत्र में थाडौ समुदाय ने हमला करने वाले संदिग्धों की पहचान करने में सहयोग मांगा है।
टीएसए के प्रवक्ता विक्की थाडौ ने केएनओ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को संबोधित पत्र में कहा है कि भाजपा प्रवक्ता हाओकिप के माता-पिता पेनियल गांव में अपने पैतृक घर में रहते हैं। उनका घर केएनओ के परिचालन क्षेत्र में आता है। जहां पर केएनओ के पांच घटक केएनए, केएनएफएमसी, केएनएफ-एस, केएनएफ-जेड और केएलए का प्रभुत्व है। थाडौ ने कहा, 'हम हमलों के लिए केएनओ और स्थानीय नागरिक संगठनों को नैतिक रूप से जिम्मेदार मानते हैं।'
कुकी संगठनों ने थाडौ समुदाय के आरोपों का खंडन किया
वहीं, कुकी नेशनल फ्रंट (सैमुअल) और केएनएफ (एस) ने टीएसए के आरोप का खंडन किया है। साथ ही लोगों से आग्रह किया है कि वे 'इस गलत सूचना और आरोप से दूर रहें।' केएनएफ (एस) ने जारी बयान में कहा, 'संगठन यह स्पष्ट करने के लिए बाध्य है कि परिचालन निलंबन समझौता (एसओओ) पर हस्ताक्षर करने के बाद से वह किसी भी हिंसक कृत्य में शामिल नहीं है। उसे भाजपा प्रवक्ता के घर पर हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा, घटना का स्थान केएनएफ (एस) के परिचालन क्षेत्र के भीतर नहीं है। इसलिए, यह स्पष्ट आरोप कि घटना संगठन के संचालन क्षेत्र के भीतर हुई थी। यह केएनएफ (एस) की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के अलावा और कुछ नहीं है।'
भाजपा नेता के घर पर आखिरी बार 31 अगस्त को हुआ हमला
बता दें कि भाजपा प्रवक्ता हाओकिप के घर में आखिरी बार 31 अगस्त को तोड़फोड़ की गई थी। मई 2023 में मैतेई-कुकी जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से उनके घर पर हुए तीसरे हमले में आग लगा दी गई थी। इससे पहले, 25 अगस्त को दो दर्जन से अधिक हथियारबंद लोगों ने हाओकिप के पैतृक घर पर हमला कर तोड़फोड़ की, जहां पर उनके माता-पिता और हिंसा से विस्थापित चार परिवार रहते हैं। इस दौरान हमलावरों ने हवा में गोलियां भी चलाई थीं।
मणिपुर में उग्रवादियों ने मंत्री के घर पर किया ग्रेनेड हमला
मणिपुर में चल रहे संघर्ष के बीच उग्रवादियों ने राज्य सरकार के मंत्री काशिम वाशुम के घर पर ग्रेनेड से हमला किया। उखरूल जिले में मंत्री के घर पर ग्रेनेड फटने से उनके घर की दीवारें और कुछ हिस्सा टूट गया। हालांकि, हमले के वक्त घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
एक अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से छर्रे बरामद किए गए हैं। ग्रेनेड हमले के बाद कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। किसी ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। वाशुम राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक हैं।