शिरुई लिली मणिपुर का राज्यपुष्प
शिरुई लिली मणिपुर का राज्यपुष्प है। यह मणिपुर पर्यटन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में स्थायी और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम लुप्तप्राय शिरुई लिली के बारे में जागरूकता बढ़ाने का भी काम करता है, जो मणिपुर की शिरुई पहाड़ियों में विशेष रूप से पाया जाने वाला एक अनूठा वनस्पति खजाना है। वैज्ञानिक रूप से लिलियम मैकलिनिया के रूप में पहचाने जाने वाले शिरुई लिली को पहली बार 1950 में खोजा गया था। इसकी खोज ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित किया, जिसने स्थानीय कहानियों, सांस्कृतिक परंपराओं और संरक्षण प्रयासों को प्रेरित किया।
इस वर्ष पर्यटन विभाग 20 से 24 मई तक फूल की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 5वें राज्य स्तरीय शिरुई लिली महोत्सव मना रहा है। दो साल के अंतराल के बाद, इस महोत्सव की वापसी नए उत्साह और पारिस्थितिकी संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव पर गहन ध्यान देने के साथ हुई है।
दुनिया में केवल शिरुई पहाड़ी में खिलता है पुष्प
लुप्त प्राय शिरुई लिली दुनिया में केवल मणिपुर के उखरुल जिले के शिरुई गांव की पहाड़ी पर ही खिलता है। इसका वैज्ञानिक नाम लिलियम मैकलिनिया है। यह उत्सव विभिन्न समुदायों और जनजातियों को एकजुट होने, उखरुल के आश्चर्यजनक परिदृश्यों का पता लगाने और स्वदेशी तांगखुल नगा जनजाति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। शिरुई पहाड़ियों के शिखर तक ट्रेकिंग प्रकृति प्रेमियों और साहसी लोगों के लिए एक रोमांचक अनुभव प्रदान करती है, जिसमें दुर्लभ फूल एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य है।
थीम है शांति और भाईचारे का संदेशः पूजा
मणिपुर पर्यटन विभाग की डायरेक्टर पूजा कहती हैं, इस बार यह महोत्सव दो वर्षों के बाद आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर लोगों, पर्यटकों और पर्यावरण प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हम कह सकते हैं कि प्रदेश में शांति लौट रही है। देश और विदेश से पर्यटक शिरुई लिली महोत्सव में शामिल होने आ रहे हैं। पूरा उम्मीद है कि लोगों का विश्वास हम जीत पाएंगे और शिरुई लिली की पारंपरिक परंपरा को जारी रखेंगे।