मणिपुर पुलिस ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में एक आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) के महासचिव मुआन टॉम्बिंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। टॉम्बिंग ने हाल ही में कहा था कि कुकी समुदाय का अपना अलग मुख्यमंत्री और अधिकारी होंगे, चाहे केंद्र इसे मान्यता दे या नहीं। टॉम्बिंग ने यह भी कहा था कि पिछले एक महीने से एक योजना बनाई जा रही है कि टेंगनौपाल, कांगपोकपी और चुराचांदपुर जिलों में कुकी लोगों का स्वशासन होगा।
उसके खिलाफ चुराचांदपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। मणिपुर सरकार ने आईटीएलएफ की ओर से स्वशासन के आह्वान की निंदा करते हुए कानूनी या असांवधानिक करार दिया था। शिक्षा मंत्री बसंतकुमार सिंह ने कहा, इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना बयान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब करने की कोशिश प्रतीत हो रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में ‘स्वशासित पृथक प्रशासन’ के आह्वान को सरकार ने बताया अवैध
मणिपुर सरकार ने कुकी-जो समुदाय के प्रभाव वाले जिलों में ‘स्वशासित पृथक प्रशासन’ के इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) संगठन के आह्वान की कड़ी निंदा करते हुए इसे अवैध बताया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और शिक्षा मंत्री बसंत कुमार सिंह ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि गैर-जिम्मेदाराना बयान राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के मकसद से प्रेरित है। मंत्री ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में बयान की कड़ी निंदा की गई और आईटीएलएफ और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
मणिपुर में कुकी-जो जनजातियों के अग्रणी संगठन आईटीएलएफ ने बुधवार को उन क्षेत्रों में ‘स्वशासित पृथक प्रशासन’स्थापित करने की धमकी दी थी, जहां ये जनजातियां बहुमत में हैं। आईटीएलएफ के महासचिव मुआन टोम्बिंग ने कहा, मणिपुर में जातीय संघर्ष शुरू हुए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अलग प्रशासन की हमारी मांग के संबंध में कुछ नहीं किया गया है। अगर कुछ हफ्तों में हमारी मांग नहीं सुनी गई, तो हम अपने स्वशासन की स्थापना करेंगे, चाहे कुछ भी करना पड़े और केंद्र इसे मान्यता दे या नहीं।