राज्य में भारत-म्यांमार सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र में कथित रूप से बॉर्डर पिलर लगाने पर तनाव पैदा हो गया है। मोरे सब डिवीजन के कुछ क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
तेंगनूपाल जिला मजिस्ट्रेट ए. तोंबीकांता ने सब डिवीजन के कुछ इलाकों में अगले छह महीनों के लिए रात्रि के समय (शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक) में निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश दिए।
इस दौरान पांच या अधिक लोगों का एक साथ एकत्रित होना या हथियार लेकर चलना निषेध होगा। अधिकारियों ने बताया कि यह निषेधाज्ञा भारतीय सीमा क्षेत्र में तीन किलोमीटर अंदर बॉर्डर पिलर संख्या 11 का शिफ्ट करने के बाद उपजे तनाव के कारण लागू की गई है।
यह कदम मणिपुर के राजस्व मंत्री करम श्याम के क्षेत्र में दौरा करने के बाद उठाया गया। वहां उन्होंने कहा कि बॉर्डर पिलर से संबंधित उच्च स्तरीय समिति विवादित बॉर्डर पिलर के बारे में सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। मंत्री ने कहा कि बॉर्डर पिलर 1969-70 में लगाए गए थे।
मालूम हो कि म्यांमार की तरफ से भारतीय सीमा में अतिक्रमण की कोशिश के तहत एक बॉर्डर पिलर लगाया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पिलर भारतीय सीमा क्षेत्र के तीन किलोमीटर भीतर लगाया गया है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए मणिपुर सरकार ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है।