Manipur Murders: मणिपुर में पिछले साल मई से शुरू हुए जातीय संघर्षों में अब तक 220 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। इंफाल घाटी के मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों के कुकी-जो समुदायों के बीच यह संघर्ष चल रहा है। हिंसा की शुरुआत मैतेई समुदाय के अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा मांगने के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'जनजातीय एकता मार्च' के बाद हुई थी।
मणिपुर के जिरीबाम जिले से लापता हुए छह लोगों के शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, लेकिन परिवारों ने अब तक शवों को अंतिम संस्कार के लिए स्वीकार नहीं किया है। शव असम के सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमसीएच) की मॉर्चरी में रखे गए हैं। यह जानकारी गुरुवार को सूत्रों ने दी। आखिरी शव सोमवार को असम के कछार जिले में बराक नदी में तैरता हुआ मिला, जिसके बाद उसका पोस्टमॉर्टम एसएमसीएच में किया गया।
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परिजनों ने शवों को लेने से किया इनकार
सूत्रों के अनुसार, 'एसएमसीएच में सभी छह शवों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है और संबंधित डॉक्टरों ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। हालांकि, यह तय नहीं है कि इन शवों को मणिपुर कब ले जाया जाएगा ताकि उन्हें परिवारों को सौंपा जा सके। सूत्र के अनुसार, हमें बताया गया है कि जिरीबाम के मौजूदा हालात को देखते हुए परिवार अभी शवों को स्वीकारने के लिए तैयार नहीं हैं। मणिपुर पुलिस उन्हें शव स्वीकार कर अंतिम संस्कार करने के लिए समझाने का प्रयास कर रही है। असम पुलिस, जो अस्पताल और मॉर्चरी में इन शवों की सुरक्षा कर रही है, ने मणिपुर पुलिस से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द इन शवों को ले जाएं।
कैसे मिले लापता लोगों के शव?
11 नवंबर को सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी-जो उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 उग्रवादियों की मौत के बाद जिरीबाम से लापता हुए छह लोगों के शव पिछले कुछ दिनों में जिरी नदी (मणिपुर) और बराक नदी (असम) से मिले। शव एसएमसीएच में 'काफी सड़े-गले' अवस्था में लाए गए थे। पहले, एक महिला और दो बच्चों के शव 15 नवंबर को जिरी नदी में तैरते हुए मिले थे। इसके बाद 17 नवंबर को कछार जिले के बराक नदी में एक महिला और एक बच्चे के शव पाए गए।
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लापता लोगों की हुई पहचान
ये सभी छह लोग मणिपुर के जिरीबाम जिले के बोरबेक्रा इलाके के एक राहत शिविर से लापता हुए थे। जिनकी पहचान भी की जा चुकी है। जिरीबाम, जो अब तक इंफाल घाटी और आसपास की पहाड़ियों में हुई हिंसा से अछूता था, में हाल ही में हिंसा बढ़ी है। यहां जून में एक किसान का विकृत शव मिलने के बाद स्थिति बिगड़ गई।