मणिपुर में जारी तनाव के बीच सुरक्षा बलों ने व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाते हुए कांगपोकपी और उखरुल जिलों में कुल 12 अवैध बंकरों को ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि यह कार्रवाई मंगलवार को अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में की गई।
इन बंकरों का इस्तेमाल जवाबी कार्रवाई के लिए किया जा रहा था
पुलिस के अनुसार, कांगपोकपी जिले के सैकुल थाना क्षेत्र में लुंगटर हिल पर तीन अवैध बंकर नष्ट किए गए, जबकि टिंगपिबुंग और लेपलेन गांव में एक-एक बंकर को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा उखरुल जिले के लिटन थाना क्षेत्र में सात अन्य बंकरों को भी सुरक्षा बलों ने नष्ट किया। ये सभी बंकर रणनीतिक तौर पर ऊंचे और संवेदनशील इलाकों में बनाए गए थे, जिनका इस्तेमाल हमलों और जवाबी कार्रवाई के लिए किया जा रहा था।
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
पुलिस का कहना है कि ये अवैध बंकर फरवरी से शुरू हुई हिंसा के बाद कूकी और तांगखुल नागा समुदायों के सशस्त्र समूहों द्वारा बनाए गए थे। दोनों समुदायों के बीच बढ़ते टकराव ने इलाके में हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
हिंसा की घटनाओं में अब तक गई सात लोगों की जान
हिंसा की घटनाओं में अब तक कम से कम सात लोगों की गोली मारकर हत्या की जा चुकी है, जबकि 30 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया गया। उखरुल, कामजोंग और कांगपोकपी जिले इस हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
छापेमारी में भारी हथियार बरामद
इस बीच, एक अलग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने चुराचांदपुर जिले के माओवोम गांव और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर भारी मात्रा में हथियार बरामद किए। जब्त हथियारों में एक AK-47 राइफल, तीन सिंगल बैरल गन, एक पिस्तौल, दो ग्रेनेड और 81 मिमी का मोर्टार शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, ये हथियार उग्र गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी।
सुरक्षा बलों ने कहा है कि राज्य में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध हथियारों व ढांचों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और सहयोग करने की अपील की है।