मणिपुर के जिरीबाम में 11 नवंबर को सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में मारे गए 10 कुकी-जो युवकों सहित 12 लोगों का बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार किया गया। चुराचांदपुर में ‘पीस ग्राउंड’ पर अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीण स्वयंसेवकों की ओर से बंदूकों से सलामी दी गई।
मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के प्रमुख संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने शोकसभा आयोजित की। अंतिम संस्कार में मिजोरम के विधायक व मुख्यमंत्री लालदुहोमा के तकनीकी सलाहकार गिन्जालाला और पड़ोसी राज्य के कई अन्य लोग शामिल हुए।
मणिपुर पुलिस ने दावा किया था कि 11 नवंबर को जिरीबाम जिले के जकुराधोर में सशस्त्र विद्रोहियों ने बोरोबेकरा थाने और निकटवर्ती सीआरपीएफ शिविर पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके बाद सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में 10 संदिग्ध उग्रवादी मारे गए। अन्य दो मृतक कुकी युवक थे, जिनकी संदिग्ध मैतेई उग्रवादियों ने उस समय हत्या कर दी थी, जब वे अपने परिवार से मिलने गए थे।
शाह से न्यायिक जांच कराने की मांग
कुकी-जो संगठन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सीआरपीएफ के साथ मुठभेड़ में 10 युवकों के मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच की मांग की। पत्र में इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने सीआरपीएफ की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।
इंटरनेट पर प्रतिबंध 7 दिसंबर तक बढ़ा
मणिपुर सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर लगा प्रतिबंध और दो दिन यानी सात दिसंबर तक बढ़ा दिया।
गृह विभाग की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, काकचिंग, बिष्णुपुर, थौबल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, फेरजावल और जिरीबाम में मोबाइल इंटरनेट सेवा का निलंबन 7 दिसंबर की शाम 5.15 बजे तक बढ़ा दिया गया है। मणिपुर में तीन महिलाओं और तीन बच्चों के शव बरामद होने के बाद राज्य में हिंसा भड़कने पर 16 नवंबर से इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थी।
मणिपुर सरकार ने आम लोगों, स्वास्थ्य सुविधाओं, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य कार्यालयों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए 19 नवंबर को ब्रॉडबैंड सेवाओं पर लगा निलंबन सशर्त हटा लिया था।
छात्रों की मणिपुर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय पर ताला लगाने की कोशिश
संघीय छात्र संगठन मणिपुर के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में छात्रों ने बृहस्पतिवार को बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मणिपुर (बीओएसईएम) के अध्यक्ष की नियुक्ति न किए जाने के विरोध में बाबूपारा स्थित कार्यालय भवन को बंद करने का प्रयास किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी छात्रों को कार्यालय भवन बंद करने से रोका।