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मणिपुर: फिर उठी अलग प्रशासन की मांग, सुरक्षा प्रमुखों के दौरे के बीच कुकी-जो काउंसिल ने सरकार को दी चेतावनी

Wed, 28 Oct 2026 08:54 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला

सार

मणिपुर में सीआरपीएफ और असम राइफल के प्रमुख सुरक्षा हालात की समीक्षा कर रहे हैं। इसी बीच कुकी-जो काउंसिल ने फिर अलग प्रशासन की मांग उठाते हुए सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। काउंसिल ने 250 से अधिक लोगों की मौत और 40 हजार से ज्यादा लोगों के विस्थापन का दावा किया। आखिर काउंसिल सरकार से क्या चाहती है? क्या उसकी मांग और सुरक्षा बलों की रणनीति राज्य में शांति की राह बदलेंगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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सुरक्षा बलों के प्रमुखों ने किन मुद्दों पर चर्चा की? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ और असम राइफल' के प्रमुखों के मणिपुर दौरे के बीच 'कुकी-जो' काउंसिल ने एक बार फिर से 'अलग प्रशासन' की मांग उठाई है। कुकी-जो काउंसिल ने बुधवार को जारी बयान में कहा है कि मणिपुर के तीन प्रमुख समुदायों में से दो 'मैतेई' और 'नागा' की ओर से कूकी जो समुदाय के लोग लगातार हिंसा का सामना कर रहे हैं। वहीं, सरकार का रवैया चुनिंदा न्याय और भेदभाव के एक चिंताजनक पैटर्न को दर्शाता है। दूसरी ओर, सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह और असम राइफल के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशनल तैयारियों और शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की है। दोनों बल प्रमुखों के मध्य मणिपुर में सेंट्रल फोर्सेज और लोकल पुलिस के बीच तालमेल को बेहतर बनाने, अवैध हथियारों की बरामदगी, एनसीबी के साथ मिलकर ड्रग्स माफिया पर वार, संयुक्त ऑपरेशन व विभिन्न समुदायों के बीच हिंसा की घटनाओं को होने से पहले ही रोकना, आदि रणनीति पर बातचीत हुई।
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40,000 से अधिक लोग विस्थापित ...
'कुकी-जो' काउंसिल ने अपने आरोप में कहा है कि तीन 3 मई 2023 से, एक दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा की गई हिंसा में 250 से अधिक कुकी-जो लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, इम्फाल घाटी में उनके घरों और पूजा स्थलों को नष्ट किए जाने के बाद 40,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। मार्च 2026 से, एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ (के) से जुड़ी हिंसा में 32 और कुकी-जो नागरिकों के मारे जाने की खबर है। कई गांवों को जला दिया गया है। सरकार की प्रतिक्रिया जवाबदेही में भारी असमानता को उजागर करती है। काउंसिल ने यह आरोप भी लगाया है कि जहां मैतेई या नागा नागरिकों की हत्या पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, वहीं कुकी-जो नागरिकों की मौत पर वैसी कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलती। 
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'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' कैंप पर कब्जा ...  
हाल ही में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद, सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर कूकी जो के 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (एसओओ) कैंपों में से एक पर कब्जा कर लिया, जबकि इन हत्याओं से उस कैंप का कोई संबंध साबित नहीं हुआ था। इसके विपरीत, कुकी-ज़ो नागरिकों की हत्या का आरोपी होने के बावजूद, एनएससीएन-आईएम को बेरोकटोक काम करने की छूट दी जा रही है। भले ही उनका संघर्ष-विराम समझौता मणिपुर तक लागू नहीं होता है। इस तरह की चुनिंदा कार्रवाई सरकार की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कूकी-जो समुदाय के लोगों को भी समान सुरक्षा और न्याय पाने का अधिकार है। सरकार के साथ राजनीतिक बातचीत ठप पड़ी है। कुकी-ज़ो काउंसिल ने एक बार फिर 'अलग प्रशासन' की अपनी मांग दोहराई है। यह मांग केवल कोई राजनीतिक इच्छा नहीं है, बल्कि एक समुदाय के रूप में कूकी जो लोगों के अस्तित्व को बचाए रखने का सवाल है। 


कड़े राजनीतिक कदम उठाने पर विचार ... 
काउंसिल ने चेतावनी के लहजे में कहा कि अगर सरकार, कूकी जो समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने, न्याय दिलाने और कोई सार्थक राजनीतिक समाधान निकालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है, तो केजेडसी ज्यादा कड़े राजनीतिक कदम उठाने पर विचार करेगी। इसमें हमारे चुने हुए विधायकों से मणिपुर सरकार से अलग होने के लिए कहना, और सरकार के साथ समझौता करने वाले समूहों से सरकार के साथ अपने सहयोग पर पुनर्विचार करने का आग्रह करना शामिल हो सकता है। कुकी-ज़ो लोग सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते। वे लोग एक निर्णायक राजनीतिक समाधान चाहते हैं, जो उन्हें सुरक्षा की गारंटी दे। उनकी पहचान की रक्षा करे और सम्मान के साथ जीने तथा अपने मामलों का प्रबंधन खुद करने का अवसर दे।

विकास लखेड़ा ने की राज्यपाल से मुलाकात ... 
असम राइफल के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने अपने दौरे के दौरान मंगलवार को इंफाल में मणिपुर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। इस दौरान राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर बातचीत हुई है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि मणिपुर में स्थायी शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए निरंतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। डीजी लखेड़ा ने काकचिंग गैरीसन में ऑपरेशनल ग्रिड और कौशल विकास पहल का जायजा लिया। वहां की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने 'दक्षता धाम' हॉस्पिटैलिटी स्किल सेंटर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने 25 'कॉमी शेफ' प्रशिक्षुओं से बातचीत की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।

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बाड़ लगाने के काम की समीक्षा की ... 
मणिपुर में सीमा सुरक्षा और बल की ऑपरेशनल समीक्षा के क्रम में, विकास लखेड़ा ने बुधवार को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में मोरेह और चोंगजांग का दौरा किया। उन्होंने वहां की मौजूदा सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। सीमा पर बाड़ लगाने के काम की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरे के दौरान, डीजी असम राइफल्स ने सीमा पार करने के प्रमुख बिंदुओं का निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों से बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में निरंतर सतर्कता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी, उच्च स्तरीय ऑपरेशनल तैयारियों और मजबूत सीमा प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।

जवानों के साथ पारंपरिक 'बड़ा खाना' ...  
मणिपुर दौरे के क्रम में, सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने चिलचिल स्थित टैक्टिकल ट्रेनिंग हब का दौरा किया। उन्होंने एकता और आपसी एकजुटता की भावना को दर्शाते हुए, 86वीं बटालियन व 210वीं कोबरा बटालियन के जवानों के साथ पारंपरिक 'बड़ा खाना' (सामूहिक भोज) में हिस्सा लिया। सभी रैंक के जवानों के साथ बैठकर भोजन करने का यह अनुभव उनके बीच के अटूट बंधन, उच्च मनोबल और गहरी आत्मीयता को दर्शाता है। उन्होंने राष्ट्र सेवा में तैनात बहादुर जवानों के अटूट समर्पण और वीरतापूर्ण जज्बे को सलाम किया है। जीपी सिंह ने असम राइफल के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास के साथ एक उच्च-स्तरीय ऑपरेशनल समीक्षा बैठक भी की। दोनों बलों के प्रमुखों ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फोर्सेज के बीच आपसी तालमेल, संयुक्त ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना, जमीनी सुरक्षा हालात की समीक्षा और पूरे राज्य में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई। 



पेशेवर दृष्टिकोण और सटीक योजना बनाने पर जोर ... 
मणिपुर दौरे में सीआरपीएफ डीजी ने एक संवाद कार्यक्रम के दौरान बल की ऑपरेशनल टीमों की पीठ थपथपाई है। उन्होंने राज्य में शांति और व्यवस्था बहाल करने के जवानों के समर्पण की सराहना की है। डीजी ने भविष्य के अभियानों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए पेशेवर दृष्टिकोण और सटीक योजना बनाने पर जोर दिया। जीपी सिंह ने मणिपुर दौरे के पहले दिन, ग्रुप सेंटर इंफाल में ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड कमांडरों के साथ हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में, उन्होंने अपने-अपने ऑपरेशनल क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए।
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