जिरीबाम में हुई गोलीबारी और उसमें एक युवक की मौत पर मणिपुर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार के गृह विभाग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (युद्धक) नेक्टर सांजेनबाम को जिम्मेदारियों से मुक्त करने का फैसला किया है। साथ ही इस घटना में उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। मणिपुर सरकार के गृह विभाग ने एक आदेश जारी कर जिरीबाम गोलीबारी मामले में जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
जिरीबाम में बवाल बढ़ने के बाद सरकार सख्त
उल्लेखनीय है कि रविवार रात को जिरीबाम के बाबूपारा इलाके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई भिड़ंत में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी और एक अन्य घायल हुआ था। प्रदर्शनकारी की मौत गोली लगने से हुई। चश्मदीद लोगों का कहना है कि गोली सुरक्षाबलों की तरफ से चलाई गई। गृह विभाग ने खुफिया विभाग के आईजीपी के कबीब और डीआईडी निंगसेन वॉरंगम की सदस्यता वाली समिति को जिरीबाम गोलीबारी मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपने को कहा गया है।
कांग्रेस ने गृह मंत्री पर कसा तंज
मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर कांग्रेस ने राज्य और केंद्र सरकार पर तंज कसा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि कल मणिपुर सरकार ने एनडीए विधायकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में सिर्फ 26 विधायक ही पहुंचे। इनमें से भी चार विधायक एनपीपी पार्टी के थे, जो कि पहले ही मणिपुर सरकार से समर्थन वापस ले चुकी है।
जयराम रमेश ने तंज कसते हुए लिखा कि 'दीवार पर लिखी इबारत बिल्कुल साफ है, लेकिन क्या मणिपुर के बड़े सूत्रधार - केंद्रीय गृह मंत्री, जिन्हें प्रधानमंत्री ने राज्य की सारी ज़िम्मेदारी सौंप दी है और आउटसोर्स कर दिया है - इसे पढ़ रहे हैं? मणिपुर के लोगों की असहनीय पीड़ा, दुख, और तकलीफ़ कब तक यूं ही जारी रहेगी?' कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को संसद के सत्र से पहले मणिपुर का दौरा करने की मांग की और साथ ही मणिपुर में शांति स्थापित करने में डबल इंजन की सरकार के असफल रहने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
जिरीबाम में हिंसा के बाद पांच हजार जवान और भेजने का फैसला
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों जिरीबाम के शरणार्थी शिविर से तीन महिलाओं और तीन बच्चों के लापता होने और बाद में उनमें से पांच के शव नदी में मिलने से लोगों का गुस्सा भड़क गया है। यही वजह है कि जिरीबाम में बवाल जारी है। गुस्साए लोगों ने कई विधायकों के आवास में भी तोड़फोड़ और आगजनी की है। हालात को देखते हुए गृह मंत्रालय ने मणिपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के पांच हजार जवान और भेजने का फैसला किया है।