मणिपुर के कांगपोकपी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों द्वारा कथित रूप से बंधक बनाए गए 28 लोगों को पुलिस, नागरिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर हुए प्रयासों के बाद मुक्त करा लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार का यह जानकारी दी। राज्य में हालिया हिंसक घटनाओं और अपहरणों के बाद पहाड़ी जिलों में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
उग्रवादियों ने कई लोगों को बंधक बना लिया था
पुलिस के अनुसार, बुधवार को अलग-अलग हमलों के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने कई लोगों को अज्ञात स्थानों पर ले जाकर बंधक बना लिया था। कांगपोकपी जिले में तीन चर्च नेताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। वहीं पड़ोसी नोनी जिले में एक नागरिक की हत्या कर दी गई और उसकी पत्नी घायल हो गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोंसाखुल गांव की 12 नगा महिलाओं को, जिन्हें कथित तौर पर सशस्त्र उग्रवादियों ने बंधक बना रखा था, माखान गांव में मुक्त कराया गया। इसके अलावा सेनापति जिले में बंधक बनाए गए कुकी समुदाय के 14 लोगों—जिनमें चार पुरुष और 10 महिलाएं शामिल हैं—को गुरुवार देर रात सुरक्षा बलों को सौंप दिया गया।
घटना से मणिपुर में बढ़ी सुरक्षा चिंता
पुलिस ने यह भी बताया कि डॉन बॉस्को से जुड़े दो सेल्सियन ब्रदर्स, जिनमें एक नागालैंड का निवासी है, को भी अलग से रिहा किया गया है। इन घटनाओं ने मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। राज्य में लंबे समय से जारी जातीय तनाव के बीच सशस्त्र समूहों और स्थानीय समुदायों के बीच टकराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने गुरुवार को कहा था कि सरकार बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नागरिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं के साथ लगातार बातचीत कर रही है। हिंसा और अपहरण की घटनाओं के बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। हालांकि अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।