सोशल मीडिया पर इस नोटिस के वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई और उसने इस नोटिस को अवैध बताकर खारिज कर दिया। इसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के एक छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दरअसल छात्र संगठन के इन सदस्यों पर आरोप है कि इन्होंने बीते दिनों जिले में सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों की सार्वजनिक छुट्टी शुक्रवार के दिन करने की घोषणा कर दी थी। मणिपुर सरकार ने नोटिस जारी कर इस एलान को खारिज कर दिया और इस घोषणा को अवैध बताया। अब मणिपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बता दें कि चुराचांदपुर के जॉइंट स्टूडेंट बॉडी नामक छात्र संगठन ने एक नोटिस जारी किया। इस नोटिस में चुराचांदपुर जिले के कई संस्थानों और जगहों का नाम बदल दिया गया और हर शुक्रवार को सरकारी छुट्टी का एलान किया गया। सोशल मीडिया पर इस नोटिस के वायरल होने के बाद मणिपुर सरकार हरकत में आई और उसने इस नोटिस को अवैध बताकर खारिज कर दिया। इसके बाद चुराचांदपुर पुलिस ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर छात्र संगठन के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
राज्य सरकार ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे संदेश फैलाना सांप्रदायिक सद्भाव, आंतरिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण सहभागिता के लिए खतरनाक हैं। बता दें कि मणिपुर में बीती 3 मई को मैतई समुदाय को जनजातीय आरक्षण देने के विरोध में हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में अब तक राज्य में 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं। राज्य में मैतई समुदाय की आबादी 53 फीसदी है और वह आमतौर पर मणिपुर के मैदानी इलाकों में रहती है। वहीं कुकी और नगा जनजाति राज्य की कुल आबादी की 40 प्रतिशत हैं, जो आमतौर पर राज्य के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।