ओकराम इबोबी सिंह और इरोम शर्मिला के बीच चुनावी टक्कर
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मणिपुर की थाउबल विधानसभा सीट राज्य की सबसे हॉट सीट बनी है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं, तो दूसरी मणिपुर की लौह महिला के नाम से मशहूर चानू इरोम शर्मिला इस सीट पर ताल ठोक रही हैं। इसलिए इस सीट पर सबकी नजरें टिकी हुई है।
मणिपुर की करीब 31 लाख जनसंख्या में 63 प्रतिशत मेतई है। मुख्यमंत्री इबोबी सिंह भी मेतई समुदाय से हैं। इसलिए मणिपुर में सरकार बनाने के लिए सभी पार्टियों को मेतई बहुल घाटी की सीटों पर ही फोकस करना पड़ता हैं।
69 साल के ईबोबी सिंह सात मार्च, 2002 यानी बीते कोई 15 साल से लगातार इस उग्रवादग्रस्त राज्य के मुख्यमंत्री हैं। एक गरीब परिवार में पैदा होने और आठ भाई-बहनों के बीच पलने-बढ़ने वाले सिंह ने अपनी मेहनत और लगन के बूते जो मुकाम हासिल किया है उसकी मिसाल मणिपुर की राजनीति में देखने को नहीं मिलती। उनको कांग्रेस आलाकमान का भी पूरा समर्थन हासिल है।
मणिपुर की लौह महिला के नाम से मशहूर चानू इरोम शर्मिला राजनीति की नई खिलाड़ी हैं। लेकिन राज्य में शर्मिला की लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए उनको हलके नहीं लिया जा सकता। इस बार वे पीपुल्स रिसर्जेंस एंड जस्टिस एलायंस (पीआरएजेए) नामक नई राजनीतिक पार्टी के साथ मैदान में हैं।
वर्ष 1980 से ही राज्य में लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम के खिलाफ लंबे अरसे तक भूख हड़ताल करने वाली शर्मिला के मैदान में उतरने से तमाम दलों के राजनीतिक समीकरणों को गड़बड़ा सकते हैं।